टी20 विश्वकप शेड्यूल-फॉर्मेट: कैसे तय होगा कि कौन सी टीम किस सुपर-8 ग्रुप में जाएगी, उलटफेर हुआ तो क्या होगा?

T20 world cup 2026

टी20 विश्व कप 2026 न सिर्फ मैदानों के लिहाज से भव्य होगा, बल्कि इसके नियम और आयोजन ढांचा भी मुकाबलों को बेहद रोमांचक बनाने वाला है। भारत-श्रीलंका के इन प्रतिष्ठित स्टेडियमों में दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को हाई-वोल्टेज टी20 क्रिकेट देखने को मिलेगा।

यह टूर्नामेंट आठ मार्च तक खेला जाएगा। इस दौरान कुल 55 मैच खेले जाएंगे। इनमें ग्रुप स्टेज के 40 मैच, सुपर-8 के 12 मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल शामिल हैं। बांग्लादेश को बाहर कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में एंट्री दी और टूर्नामेंट का अपडेटेड शेड्यूल जारी किया। बांग्लादेश ग्रुप सी में था और स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में रखा गया।

भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले क्रिकेट के इस महाकुंभ में कई हाईवोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे। हालांकि, पाकिस्तान ने 15 फरवरी को टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले से पीछे हटने का फैसला किया। उस दिन भारत और पाकिस्तान का मैच कोलंबो में होना था, लेकिन पीसीबी ने इस मैच के बहिष्कार का एलान किया। ऐसे में फैंस के लिए मजा थोड़ा किरकिरा जरूर होगा, लेकिन नुकसान पाकिस्तान का ही है। अगर उसे ग्रुप-ए में अन्य टीमों के खिलाफ हार मिली तो उसके लिए सुपर-8 का रास्ता मुश्किल हो जाएगा। 

19 फरवरी तक हर रोज तीन मुकाबले
शुरुआती चरण यानी ग्रुप स्टेज में क्रिकेट फैंस को लगभग हर दिन तीन-तीन मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि 19 फरवरी तक टूर्नामेंट अपने सबसे व्यस्त दौर में रहेगा, जहां लगातार हर रोज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद 21 फरवरी से एक मार्च तक सुपर-आठ राउंड चलेगा। चार मार्च और पांच मार्च को दो सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि आठ मार्च को फाइनल खेला जाएगा। एग्रीमेंट के तहत पाकिस्तान अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में ही खेलेगा। अगर टीम फाइनल में पहुंचती है तो फाइनल भी कोलंबो में खेला जाएगा। वरना फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा।

ग्रुप-स्टेज में किस प्रकार होंगे मैच
ग्रुप स्टेज में कुल 20 टीमें हिस्सा लेंगी। आईसीसी ने इस बार भी वही बड़ा और संतुलित फॉर्मेट अपनाया है, ताकि एसोसिएट टीमों को अधिक मौके मिल सकें और मुकाबले रोमांचक बने रहें। 20 टीमों को चार ग्रुप (ए, बी, सी और डी) में बांटा गया है, जिनमें प्रत्येक ग्रुप में पांच टीमें शामिल हैं। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी चार टीमों के खिलाफ चार मुकाबले खेलेगी। जीत पर टीम को दो अंक, नो रिजल्ट पर एक अंक, जबकि हार पर शून्य अंक मिलेगा। ग्रुप स्टेज के बाद हर ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सुपर-8 चरण में प्रवेश करेंगी।

सुपर-8 में बदलेगा खेल
ग्रुप स्टेज से क्वालिफाई करने वाली आठ टीमें सुपर-8 चरण में खेलेंगी। यहां इन टीमों को दो ग्रुप में चार-चार टीमों के रूप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप में मौजूद बाकी तीन टीमों के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। आईसीसी ने सुपर-8 के लिए पहले से सीडिंग सिस्टम तय कर रखा है। हालांकि, अगर कोई बड़ी या सीडेड टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हो जाती है, तो उसे हराकर क्वालिफाई करने वाली टीम उसी स्लॉट में सुपर-8 खेलेगी। यानी जो कोड पुरानी टीम को दिया गया था, वह नहीं बदलेगा, बस टीम बदल जाएगी। उदाहरण के तौर पर जो चार ग्रुप हैं वो इस प्रकार हैं- 

  • ग्रुप A: भारत (X1), नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान (Y3), अमेरिका
  • ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया (X2), आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका (Y4), जिम्बाब्वे
  • ग्रुप C: इंग्लैंड (Y1), इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज (X3)
  • ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड (Y2), दक्षिण अफ्रीका (X4), यूएई

इसके बाद जब टीमें सुपर-8 के लिए क्वालिफाई करेंगी तो उन्हें दो ग्रुप एक्स (X) और वाई (Y) में बांटा जाएगा। आईसीसी ने पहले से सीडेड टीमें तय कर रखी हैं। अगर वही टीमें क्वालिफाई करती हैं तो सुपर-8 का ग्रुप कुछ इस प्रकार दिखेगा-

  • ग्रुप-1 सीड (X): भारत, ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका
  • ग्रुप-2 सीड (Y): इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका।

अगर यही टीमें अपने-अपने ग्रुप से सुपर-8 के लिए क्वालिफाई करती हैं तो इन्हें इसी रूप से मैच खेलना पड़ेगा। अगर कोई उलटफेर होता है तो कोई अन्य टीम अपने ग्रुप से सुपर-8 के लिए दावा ठोकती है तो पहले से तय सीडेड की टीम को रिप्लेस करने वाली उसकी जगह लेगी। मान लीजिए अगर ग्रुप ए से भारत सुपर-8 में पहुंच जाता है और अमेरिका दूसरे स्थान पर रहता है ग्रुप में तो पाकिस्तान की जगह सुपर-8  के ग्रुप-2 सीड में अमेरिका आ जाएगा। इसी तरह अन्य टीमों के साथ भी है।

सेमीफाइनल और फाइनल का रास्ता
सुपर-8 के बाद हर ग्रुप (X और Y) की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। सेमीफाइनल में एक ग्रुप की टॉप टीम का सामना दूसरे ग्रुप की रनरअप टीम से होगा। दोनों सेमीफाइनल जीतने वाली टीमें खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी।

टाई नहीं, होगा साफ नतीजा
टी20 विश्व कप में हर मैच का नतीजा निकलना तय है। मुकाबला टाई होने की स्थिति में सुपर ओवर के जरिए विजेता का फैसला किया जाएगा। आईसीसी का मानना है कि यह फॉर्मेट न सिर्फ बड़े मुकाबलों का रोमांच बढ़ाएगा, बल्कि छोटी टीमों को भी खुद को साबित करने का सुनहरा मौका देगा। कुल मिलाकर, 2026 टी20 विश्व कप में ग्रुप स्टेज से लेकर फाइनल तक हर चरण रोमांच से भरा होगा। 20 टीमों की इस जंग में एक-एक मैच का महत्व होगा और फैंस को पूरे टूर्नामेंट में हाई-वोल्टेज क्रिकेट देखने को मिलेगा।