दसवीं, बाहरवीं बोर्ड परीक्षा सामने, शिक्षकों की कमी से जूझ रहा तरीघाट हायर सेकंडरी स्कूल

पाटन। ब्लॉक मुख्यालय के आखिरी तरीघाट गांव के हायर सेकंडरी स्कूल इन दिनों शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है,कुछ शिक्षक शिशु संरक्षण अवकाश पर चले गए हैं तो कुछ आ नहीं रहे, वहीं जो शिक्षक आते हैं वे छुट्टी समय से पहले स्कूल से चले भी जाते हैंजिससे बच्चों के पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं, जबकि सामने दसवीं बाहरवीं के परीक्षा होना है, स्कूल के बच्चों ने बताया कोर्स पूरा नही हुआ है, जिससे परीक्षाओं के समय दिक्कतें आएगी, इनसे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों के भविष्य पर तलवार लटक रही है,बच्चों ने जनप्रतिनिधियों के पास शिकायत की तब वे हर कत मे आये और बीइओ को इसकी जानकारी दी,सिफर हुआ ये कि गर्भावस्था या डिलवरी के बाद मातृत्व अवकाश दिया जाता है,परंतु महिला शिक्षको द्वारा से अधिकार बना कर बार बार छुट्टी लेते हैं जिससे स्कूल के व्यवस्था में दिक्कत हो जाती है

शिक्षकों को कमी बड़ी समस्या

बोर्ड परीक्षा सामने है और स्कूल में शिक्षकों की कमी दुर्भाग्यपूर्ण है, शिक्षको को बच्चों की पढ़ाई से मतलब नहीं बल्कि ड्यूटी से रहती है कुछ शिक्षक मातृत्व अवकाश बार बार लेते हैं तो कुछ स्कूल आने पर छुट्टी के समय से पहले ही घर के लिए प्रस्थान कर जाते हैं

छुट्टी से पहले घर वापसी की जल्दी

स्कूल के शिक्षकों द्वारा पढ़ाई कर बच्चों के भविष्य संवारने की जिम्मेदारी होती है लेकिन वर्तमान समय में इनसे कोई मतलब दिखाई नहीं पड़ता, उन्हें मोटी तनख्वाह से मतलब बच्चे कुछ भी करे,स्कूल पर ड्यूटी निभाने की परमपरा आन पड़ी हैं, या मातृत्व अवकाश पर चले जाते हैं, स्कूल आ भी गये तो घर जाने की बड़ी जल्दी रहती है

दसवीं बारहवीं के बोर्ड परीक्षा सामने

दसवीं व बारहवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाएं मार्च महीने में शुरू हो रहे हैं, परंतु कोर्स पूरा ना होना या होने के बाद भी रिवजन होने से बच्चों को परीक्षा के समय संजीवनी का काम करती है लेकिन स्कूल इस तरह समस्याओं से बच्चों के भविष्य पर तलवार लटक रही है

मोटीवेशनल गाइड की जरूरत ज्यादा

स्कूल में जुलाई से लेकर फरवरी तक पढ़ाई होती हैं जिसमेशिक्षकों को कोर्स पूरा करना है, अगर कोर्स पुरा हो भी गया हो तो बोर्ड के विघार्थियों को भविष्य के लिए मोटीवेट करना जरूरी रहता है ताकि भविष्य मे पढ़ाई के लिए विषय चयन या भविष्य में कालेज के लिए मार्गदर्शन हो जाता है

वर्जन:-

स्कूल में शिक्षकों की कमी थी, परंतु जो शिक्षक आये हैं वे पढाई मे दिलचस्पी नहीं लेते ड्यूटी निभाने आते है और जो आये हैं वे समय से पहले चले जाते हैं, जबरन मातृत्व अवकाश का बहाना बनाकर घर पर रह रहे हैं

अशोक साहू ,सरपंच तरीघाट