अंडा। फोटो। भारती विश्वविद्यालय दुर्ग में आयोजित प्रथम दीक्षांत समारोह में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए प्रतिभागियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इन्हीं में से दुर्ग की शिक्षिका डॉ. श्वेता दुबे को रसायन शास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनका शोध विषय “एनालिसिस ऑफ सोयल क्वालिटी इन रसमडा इंडस्ट्रीयल एरिया,दुर्ग, छत्तीसगढ़” रहा, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण करने में उनकी गाइड एवं सुपरवाइज़र डॉ. प्रतिभा एस. कुरूप का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ।
वर्तमान में डॉ. श्वेता दुबे शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पीसेगांव में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं तथा ग्रामीण शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे प्रारंभ से ही मेधावी छात्रा रही हैं और अपनी स्कूली एवं उच्च शिक्षा के दौरान प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करती रही हैं। उनकी प्रारंभिक व उच्च शिक्षा कसडोल, बलौदाबाजार में पूर्ण हुई।
उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उनके माता-पिता श्रीमती कुमुदिनी मिश्रा एवं श्री दिनेश मिश्रा (कसडोल) तथा सास–ससुर श्रीमती मीरा दुबे एवं श्री रामजी दुबे (सरसीवां) ने आशीर्वाद और हार्दिक बधाई दी। अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. श्वेता दुबे ने बताया कि शोध कार्य के दौरान उन्हें परिवार के सभी सदस्यों एवं सहकर्मी शिक्षकों का निरंतर प्रोत्साहन मिला। विशेष रूप से उनके पति श्री अविनाश दुबे, पुत्र आकाश दुबे, पुत्री श्रेष्ठा दुबे, स्कूल के पूर्व प्रधानपाठक श्री शंकर लाल ठाकुर, शिक्षिका डॉ पी. व्ही. संजना एवं श्रीमती दानेश्वरी चंद्राकर का सहयोग उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। बंधाई देने में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित चन्द्राकर, अध्यक्ष जिला पंचायत दुर्ग सरस्वती बंजारे, अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्ग कुलेश्वरी सुखदेव देवांगन, जिला पंचायत सदस्य आशा विक्की मिश्रा, ग्राम पंचायत पिसेगांव के सरपंच द्रौपती देशमुख, सरपंच प्रतिनिधि गोलू देशमुख, कोलिहापुरी सरपंच ईश्वर साहू, पूर्व सरपंच कोलिहापुरी ज्वाला प्रसाद देशमुख, दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के पत्रकार संजय साहू सहित ग्राम वासियों एवं स्कूल के विद्यार्थियों ने डॉ. श्वेता दुबे को इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







