शिक्षक दिवस विशेष: पाटन कालेज के एक छात्र ने भेजा है यह लेख, कैसे एक शिक्षक गीली मिट्टी की देता है आकर, पढ़िए आप भी यह आलेख

सीजी मितान डेस्क
शिक्षक दिवस के अवसर पर मै नितेश तिवारी (पाटन) अपने छात्र जीवन के सबसे महत्वपूर्ण  शिक्षक के रूप में कुछ बाते आप सभी से साझा करना चाहता हूं…… सत्र  2008/09 में बीए प्रथम वर्ष में नियमित छात्र के रूप में प्रवेश लिया…….हिंदी साहित्य की कक्षा में आदरणीया डॉ. साधना राहटगाँवकर मैडम ने पहला क्लास लिया….. उनकी मधुर आवाज क्लास ध्यान से सुनता था……. और उनके माध्यम से ही मैंने पहली बार अपनी बात को मंच के माध्यम से कैसे रखते है…. सीखा….. बहुत अच्छे तरीके से सिखाने में मैडम जी का जवाब नहीं था…उनका यह वक्तव्य मुझे आज भी बहुत कुछ करने को प्रेरित करता है….. इंसान तो हर घर पैदा होता है, लेकिन इंसानियत कहीं कहीं पैदा होती है….और इसके अलावा अपने लिये तो सभी जीते है…दुसरे के लिए जिए तो मजा उसनेंब है……और आज भी इतने वर्षो बाद जब भी मैडम जी से मुलाक़ात होता है… उतने ही शालीनता से मिलते है…… मुझे छात्र जीवन में साधना मैडम जी के अलावा श्री प्रमोद मिश्रा सर, साहू सर, श्रीवास्तव मैडम,डॉ. नामदेव सर सभी का आशीर्वाद मिला…. जीवन कैसे जीते है…. इनसे बहुत कुछ सीखा…..
शिक्षक दिवस के सुअवसर पर यह विचार cg mitaan के माध्यम से अप तक पहुंचा रहा हू, इसके लिए टीम सीजी मितान की धन्यवाद, , ,

(आलेख जैसा की श्री नितेश तिवारी ने भेजा है)