पंडरिया।नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से IIT भिलाई द्वारा आयोजित पांच दिवसीय “टीचर कैपिसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम मे नगर के पीएम श्री आत्मानंद अंग्रेजी हिंदी माध्यम विद्यालय पंडरिया की रसायन विज्ञान व्याख्याता विद्या पटेल ने सहभागिता की।इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुभवात्मक शिक्षा और भविष्य की तकनीकों के तालमेल पर जोर दिया गया।
कंटेन्स रटने के बजाय प्रयोगों पर रहेगा जोर-
आधुनिक तकनीक और ‘शिक्षा सारथी’ सॉफ्टवेयर
विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ मिलेगा व राष्ट्रीय स्तर पर पंडरिया स्कूल की चमक
रटने के बजाय प्रयोगों पर जोर रहेगा।
प्रशिक्षण में विद्यालय की व्याख्याता विद्या पटेल ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बच्चों को पारंपरिक ‘रटने’ की पद्धति से मुक्त कर गतिविधियों, प्रयोगों और व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से पढ़ाना था। शिक्षकों को सिखाया गया कि कैसे जटिल विषयों को खेल-खेल में और दैनिक जीवन के अनुभवों से जोड़कर समझाया जा सकता है।
आधुनिक तकनीक और ‘शिक्षा सारथी’ सॉफ्टवेयर
IIT भिलाई के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा प्रणाली से अवगत कराते हुए निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
आधुनिक तकनीक दृश्य प्रोग्रामिंग (Visual Programming), डेटा साइंस और मेकरस्पेस का शिक्षा में उपयोग।
प्राकृतिक जुड़ाव: प्राकृतिक खेलों को शिक्षा के साथ जोड़ना।
‘शिक्षा सारथी’: IIT भिलाई द्वारा विकसित इस विशेष सॉफ्टवेयर की जानकारी दी गई।जो बच्चों के मानसिक स्तर के अनुसार पाठ्य सामग्री को रोचक बनाने में मदद करेगा।
विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष लाभ
इस प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और जटिल समस्याओं को सुलझाने की कौशल (Life Skills) विकसित करना है। एसीपी समग्र शिक्षा आशीष गौतम ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षणों से प्राप्त यह अनुभव विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
राष्ट्रीय स्तर पर पंडरिया स्कूल की चमक
उल्लेखनीय है कि पीएम श्री सेजेस पंडरिया के शिक्षक लगातार राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में प्रशिक्षित हो रहे हैं। इससे पूर्व व्याख्याता पवन साहू IIT पुणे में एवं शिक्षक शत कुमार सुमंत जम्मू यूनिवर्सिटी में आयोजित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले चुके साथ ही स्वयं प्राचार्य IIM रायपुर से लीडरशिप प्रशिक्षण प्राप्त हैं। विद्यालय की इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने हर्ष व्यक्त किया।
जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नवल किशोर पांडेय ने विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव को शत प्रतिशत
विद्यार्थियों तक पहुंचाने की अपेक्षा करते हुए शुभकामना दी है।






