अंडा। बालोद–दुर्ग जिले की सीमा पर स्थित गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम ओटेबंद (बगीचा) में आयोजित 66वां श्री विष्णु महायज्ञ पूरे धार्मिक उत्साह के साथ प्रारंभ हो चुका है। यज्ञ स्थल पर विधि-विधान से हवन पूजन का शुभारंभ होते ही वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय ध्वनि से गूंज उठा।


मंदिर परिसर में स्थापित भगवान विष्णु की क्षीरसागर मुद्रा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। माता लक्ष्मी सहित विराजमान भगवान के दर्शन कर भक्तजन सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं।
इधर, मंदिर परिसर के आसपास पारंपरिक भव्य मेला भी सज चुका है। दूर-दराज से आए ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है। मेले में पूजन सामग्री, खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और खान-पान की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक दोपहर 12:30 बजे से 5:30 बजे तक पूज्य भगवताचार्य राष्ट्रीय संत श्री राजीव नयन जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का पावन वाचन किया जाएगा। वहीं प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे से आदर्श नाट्य कला मंडली, भेंडरा (कोरबा) द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
करीब छह दशक से अधिक पुरानी इस परंपरा में हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। कदंब वृक्ष में नारियल बांधकर मनोकामना मांगने की मान्यता के चलते भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच रहे हैं।

ओटेबंद बगीचा का यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने की अपील की है।






