पाटन में सेन जी महाराज की 726वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई


पाटन। सेन समाज पाटन ब्लॉक द्वारा सेन जी महाराज की 726वीं जयंती का आयोजन मंगलवार को स्वामी आत्मानंद ऑडिटोरियम पाटन में श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत समाज की मातृशक्तियों द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकालकर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि सेन समाज का सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सेन समाज को सबसे विश्वासपात्र समाज माना जाता है। यह समाज सेवा और विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले के समय में रिश्ते तय कराने से लेकर मांगलिक कार्यों तक में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। बदलते दौर में समाज को शिक्षा और आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अब पारंपरिक व्यवसाय के साथ-साथ अन्य रोजगार के साधनों को अपनाना जरूरी हो गया है। आज के समय में व्यक्ति की पहचान उसके आर्थिक स्थिति से होने लगी है, जबकि पहले व्यवहार और संस्कार को प्राथमिकता दी जाती थी। समाज में वास्तविक परिवर्तन केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है।
द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल थे।उन्होंने भी समाज में शिक्षा और संस्कार के साथ साथ आधुनिक दौर के अनुसार पारंपरिक व्यवसाय को बढ़ाने एवं समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
विशेष अतिथि विधायक रिकेश सेन ने कहा आज के आधुनिक दौर में तकनीकी और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, ऐसे में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें, साथ ही उन्हें अपने परंपराओं और संस्कृति से भी जोड़कर रखें। समाज का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब नई पीढ़ी शिक्षित, संस्कारित और जागरूक होगी।
मंच में नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष योगेश निक्की भाले,जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक सहित अन्य अतिथि शामिल थे।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं मांग पत्र का वाचन सेन समाज पाटन ब्लॉक के अध्यक्ष नरेश श्रीवास द्वारा किया गया। मंच संचालन जनार्दन सेन ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी,पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू, नारद सेन, महेंद्र वर्मा, महेश श्रीवास, नेतराम सेन, दीप्ति श्रीवास, रानी कौशिक, ओमिन सेन, रामजी कौशिक, सुनिल सेन, सुमन कौशिक, सुनीता सेन, यशवंत सेन, भागवत सेन, सुनील सेन, गोदावरी कौशिक, रानी सेन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।