ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के निलंबन के विरोध में कृषि स्नातक संघ ने जताई नाराज़गी, आदेश वापस लेने की मांग

दुर्ग।छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ, जिला दुर्ग ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती एकता साहू के निलंबन को अनुचित बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। संघ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभाग द्वारा मादक फसलों की जानकारी नहीं एवं अन्य योजनाओं के संबंध में समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके कारण जमीनी स्तर पर कार्य निष्पादन में कई व्यावहारिक समस्याएँ उत्पन्न हुईं।

संघ के अनुसार किसानों की मांग के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया था। पूर्व वर्ष के उत्पादन एवं लक्ष्य शेष रहने की स्थिति में किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से कार्य किया गया। योजना के अंतर्गत मक्का बीज की उपलब्धता विभाग द्वारा नहीं कराई गई थी तथा किसानों को स्वयं बीज क्रय कर बिल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन प्लॉट निजी भूमि पर स्थित होने के कारण वहां प्रवेश एवं निरीक्षण करने में सुरक्षा एवं अन्य प्रशासनिक कठिनाइयाँ थीं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पास डिजिटल उपकरणों एवं तकनीकी साधनों की भी कमी बताई गई, जिससे फसल की स्थिति एवं किसानों की पहचान सुनिश्चित करना कठिन था।

संघ ने आरोप लगाया कि कृषि मैपर में प्रगति लाने के संबंध में भी संबंधित अधिकारी पर अनावश्यक दबाव बनाया गया तथा पर्याप्त तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसी परिस्थितियों में की गई निलंबन कार्रवाई को संघ ने अन्यायपूर्ण बताते हुए इसका समर्थन न करने की बात कही है।

संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 22 मार्च 2026 तक निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो 23 मार्च 2026 से कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन, सामूहिक अवकाश एवं कार्यबहिष्कार के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संघ ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग से मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित अधिकारी को न्याय दिया जाए तथा भविष्य में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश, प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ।