पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश पाटन मे हुआ मनवा कुर्मी समाज पाटन राज प्रधान युगल आडिल ने महराज ज़ी का आशीर्वाद प्राप्त कऱ जनकल्याण के लिए लिया आशीर्वाद


पाटन।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज को तत्वो का इतना गहन चिन्तवन है कि जिनवाणी उनके कण्ठ मे विराजमान रहती है। आचार्य श्री के प्रवचन इतने सरल व स्यादवाद से भरे होते है कि हमारे अष्टमूल गुण तो क्या, अणुव्रत और महाव्रत तक लेने के भाव हो जाते है।परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज संघ दिगंबर जैन परंपरा के एक प्रतिष्ठित आचार्य हैं, जिन्हें उनके गुरु आचार्य विराग सागर जी महाराज द्वारा पट्टाचार्य (मुख्य आचार्य) के रूप में स्थापित किया गया था, और वे अपनी विद्वत्ता, तपस्या और जैन धर्म के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं, जिनके संघ में कई मुनि और ब्रह्मचारी शामिल हैं जो धर्म-प्रभावना का कार्य करते हैं।