पंडरिया। ठंड के आगाज के साथ मैकल श्रेणी के पहाड़ियों में रामतिल के फूल खिलने से घाटियों की खूबसूरती बढ़ गयी है।पहाड़ियों में हरियाली के बीच इनकी पीली चमक दूर से ही दिखाई पड़ रही है।प्रदेश के सीमावर्ती गांव रुखमीददार में रामतिल में पीले फूल निकल आये हैं।सड़क के किनारे लगे से रामतिल लोगों को आकर्षित कर रही है।रुख़मीददार के अलावा पंडरीपानी, बांगर,तेलियापानी,कोदवागोड़ान,चतरी,जामुनपानी,ठेंगाटोला,कांदावानी,कुंडापानी,मंझगांव सहित अनेक बैगा आदिवासी गांवों में इसकी खेती करते हैं।

सेहत के लिए फायदेमंद है रामतिल-रामतिल सेहत के लिए फायदेमंद है।रामतिल के तेल में अन्य तेल के अपेक्षा कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।इस तेल का उपयोग मालिश के लिए तथा खाने के लिए किया जाता है।साबुन आदि बनाने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।पहाड़ियों पर निवासरत बैगा जनजाति इसके तेल का उपयोग खाने के लिए करते हैं।






