ठेकेदार की लापरवाही से पुल अधूरा बारिश में बढ़ रही है आने -जाने में परेशानी



संजय/ राजेन्द्र साहू।  दुर्ग  ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार सड़क और पुलियों का निर्माण कराती है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता की वजह से कभी-कभी लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता. इसका उदाहरण  जिले में देखने को मिल रहा है. यहां सरकारी सिस्टम के सुस्त रवैये से 4 साल बाद भी निर्माणाधीन पुल का निर्माण कार्य अधूरा है यह पुल छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी किए गए इस बोर्ड के अनुसार, जंजगिरी नाला पर उच्चस्तरीय पुल तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की संभावित तिथि 9 दिसंबर, 2022 थी। लेकिन यह परियोजना 4 वर्ष हो गया लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है। पुल निर्माण  2022 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक अधूरा है.  उक्त जंजगिरी  नाला में बारिश के मौसम में आसपास  का पानी आने से आवागमन प्रभावित हो जाता है. पुल बन जाने से ग्रामीणों को परेशानी दूर हो जाती. लेकिन पुल निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है उसकी घेराबंदी भी नहीं की गयी है. ग्रामीणों के आवागमन के लिए डायवर्सन  बनाया गया है. लेकिन  बरसात में ग्रामीणों को  कीचड़ से होकर मजबूरी में आवागमन करना पड़ रहा है.पुल निर्माण के गड्ढे में बारिश होने पर  तेज बहाव से कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
इस देरी के कारणों का पता लगाने के लिए,ठेकेदार और परियोजना के अधिकारियों से बात करनी चाही लेकिन उन्होंने अपना फोन बंद कर दिया। ठेकेदार की लापरवाही के कारण आम लोगों को आने जाने में बहुंत ही कठिनाइयों का समाना करना पड़ रहा है।