नहर नाली की अब तक सफाई नहीं, सफाई न होने कारण नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुँच पाना मुश्किल

अंडा। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए भले ही डैम एवं नहरों का निर्माण हो चुका हो, लेकिन जलसंसाधन विभाग द्वारा नहरों की सफाई नहीं कराने के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में अब खेतों को सिंचित करने के लिए खुद किसान ही नहरों की सफाई करने के लिए मजबूर हैं। सफाई के अभाव में करीब आधा दर्जन गांवों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

उल्लेखनीय है कि बालोद जिले के खपरी डैम से बडी संख्या में गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। एक बड़ा भू-भाग व दर्जनों गांव इसी नहर पर निर्भर है। अभी पानी की ज्यादा आवश्यकता क्यों की एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है इस छेत्र में पानी नहीं गिरा है जिसके चलते यह समस्या आ रही है नहर चलने के चलते ही किसान अपने खेतों में बोवनी कर पाते हैं वह अच्छी फसल की पैदावार होती है, लेकिन इस वर्ष अभी तक आधी से अधिक नहर की जलसंसाधन विभाग द्वारा साफ-सफाई नहीं करवाई गई है।

जिसके चलते नहरों में मौजूद घास सहित अन्य कचरे के कारण नहर से पानी निकलना संभव नहीं है। ऐसे में आधा दर्जन गांवों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उधर पानी नहीं पहुंचने के कारण खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसी से परेशान होकर ग्रामीणों ने अब खुद ही नहरों की साफ-सफाई करना शुरू कर दी है।

किसानों का कहना है कि विभाग ने न तो सुध ली है ओर न ही उन्हें इस बात की चिंता है कि वह नहरों की सफाई करा सकें। ऐसे में फसल का उत्पादन प्रभावित हो रहा था। इसी के चलते अब नहरों की सफाई हमें खुद को करना पड़ रही है। हर साल नहरों को लेकर यही स्थिति रहती है।


किसानों ने बताया कि जो नहरें फूट गई है उन्हें भी विभागद्वारा दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। जिसके कारण नहर का जो पानी है इसके कारण एक तो पानी की बर्वादी हो रही है ओर दूसरे पानी का खेतों में उपयोग भी नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर कई बार विभाग को अवगत करा दिया गया, लेकिन विभाग ने अभी तक इस ओर ध्यान तक नहीं दिया है। ऐसे में ग्रामीणों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणा नहरें दुरुस्त करने क मांग कर रहे हैं।