नगर के समरूपारा मोहल्ले में बाघ के आवाज सुने जाने का दावा,पहाड़ी के नीचे स्थित खेतों में मिले फुट प्रिंट

राजकुमार सिंह ठाकुर

पण्डरिया । नगर के समरूपारा मोहल्ले के आगे पहाड़ी के नीचे स्थित सोनारिन तालाब के पास खेतों की ओर शनिवार को बाघ के आवाज सुनने की बात मुहल्ले के लोगों द्वारा कही जा रही है।वहीं खेतों में कुछ फुट प्रिंट भी मिले हैं।जिसे देखने से बाघ के होने की बात सही लग रही है।बताया जा रहा है। 29 जनवरी को सुबह लोगों द्वारा देखा गया था तथा 1 जनवरी सुबह 11 बजे बाघ की आवाज सुनने की बात कह रहे हैं।इसके अनुसार देखा जाय तो बाघ 28 की रात से 1 जनवरी तक आस-पास ही विचरण करते रहा है।बाघ के देखे जाने का कोई भी चश्मदीद नहीं है।इसके अलावा किसी जानवरों के शिकार की भी कोई सूचना नहीं मिली है।पहले भी पण्डरिया के जंगलों में बाघ देखा गया है तथा दो बाघ का शिकार भी क्षेत्र में हो चुका है।पहले सघन वन क्षेत्र में बाघ देखा गया था, लेकिन इस बार बसाहट से करीब 1 किलोमीटर के भीतर ही बाघ आने की बात सामने आ रही है।बाघ के विचरण के सूचना को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है,तथा सर्चिंग कराई जा रही है।वन विभाग द्वारा फुट प्रिंट का मुआयना किया गया है,जिससे तेंदुआ या बाघ होने के संबंध में स्पष्ट बात नहीं कही जा रही है।

फुट प्रिंट से बाघ की संभावना– तालाब व खेतों में बने फुट प्रिंट काफी बड़े आकार के हैं,जिसके चलते बाघ के होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।मिले फूट प्रिंट 14 सेंटीमीटर के हैं।बाघ का फुट प्रिंट 12 सेमी या इससे बड़े होते हैं।इसी प्रकार आगे व पिछले पैर का डिस्टेंस190 सेंटीमीटर है।

जंगल से खेत तक ट्रेल मौजूद– फुट प्रिंट किस जानवर का है यह पुष्टि नहीं हुई है लेकिन उक्त जानवर का ट्रेल वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 493 से सोनारिन तालाब व श्यामल सिंह के खेत तक स्पष्ट दिखाई दे रहा है।मीले ट्रेल के अनुसार बाघ कक्ष क्रमांक 493 से तालाब की तरफ आया है,जिसके बाद खेत होकर आगे बढ़ गया है।पहाड़ी से खेत तक फुट प्रिंट का ट्रेल दिखाई पड़ रहा है। 28 -29 को बरसात होने के कारण बाघ के आते समय का फुट प्रिंट दिखाई पड़ रहा है।लेकिन वापसी के समय का फुट प्रिंट दिखाई नहीं पड़ रहा है।

अचानकमार व सुपखार से आते हैं बाघ– वन उपमंडल पण्डरिया अंतर्गत हमेशा से ही बाघ सहित अन्य वन्य प्राणियों का आवागमन होता रहा है।पण्डरिया क्षेत्र का जंगल सुपखार(कान्हा क्षेत्र)व अचानकमार अभ्यारण्य के बीच कॉरिडोर के रूप में स्थित है।अनेक बार सुपखार तथा अचानकमार में ठंड अधिक बढ़ने के समय बाघ को पण्डरिया क्षेत्र में देखा गया है।जहां से जानवरों का आवागमन होते रहता है।इस क्षेत्र को कॉरिडोर या रिजर्व फारेस्ट बनाये जाने की आवश्यकता है।

“समरूपारा के लोगों द्वारा बाघ के आवाज सुने जाने की सूचना पर सर्चिंग की जा रही है।कुछ फुट प्रिंट भी मिले हैं,जिसके आधार पर जांच चल रही है।फुट प्रिंट बाघ या तेंदुआ का हो सकता है,इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। “

जशवीर सिंह मरावी,एसडीओ,वन विभाग पण्डरिया।