नगर के करीब से होते हुए हाथी गांगपुर के गन्ना खेत पहुंचा ,रिहायसी इलाकों में खतरा बढ़ा


पंडरिया-दल से बिछड़ा हाथी पिछले दो दिनों से पंडरिया क्षेत्र के जंगलों से निकलकर गुरुवार सुबह रिहायसी इलाकों में पहुंच गया।बुधवार को पूरे दिन हाथी क्रांति जलाशय के आस-पास रहा।जिसके बाद देर रात में ही हाथी नगर के कन्या शाला के पीछे से होकर रिहायसी इलाकों में पहुंच गया।हाथी सुबह गांगपुर के गन्ने खेत मे देखा गया।पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि गन्ना खेत मिलने पर हाथी रिहायसी इलाकों में पहुंच गया।हाथी पूरे दिन हाफ नदी के किनारे गन्ने के खेत मे घुसा रहा।गांगपुर मैदानी क्षेत्र है,जहां से जंगल करीब 8 किलोमीटर दूर हैं।इस बीच खैरझिटी,पाढ़ी,घोघरा,देवसरा,मड़मड़ा,छांटा, बिरमपुर, लिम्हईपुर सहित दो दर्जन से अधिक बड़े गांव स्थित हैं,इसके अलावा कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर ही शक्कर कारखाना,अनेक गुड़ फैक्ट्रियां,तथा पंडरिया व पांडातराई नगर स्थित है।जहां हाथी द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
*खतरा बढ़ा, लोगों में दहशत*-हाथी के रिहायसी इलाकों में पहुंचने से अब खतरा बढ़ गया है।जिस क्षेत्र में हाथी मौजूद है,वहाँ आस-पास अधिकतर गन्ने के खेत हैं तथा दो दर्जन से अधिक गुड़ के कारखाने हैं।यह हाथी का मनपसंद भोजन है,जिसके चलते हाथी को जंगल मे वापस भेजना कठिन कार्य है।इस क्षेत्र के ग्रामीणों में हाथी के मौजूदगी को लेकर दहशत बना हुआ है।
“हाथी गुरुवार सुबह क्रांति जलाशय से गांगपुर के गन्ना खेत में पहुंच गया है।वन विभाग की टीम लगातार हाथी के मूवमेंट पर नजर रखी हुई है।इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।आस-पास के ग्रामीणों को सतर्क रहने सूचना दी गई है।बकेला के जंगलों में हाथी को मूवमेंट कराने प्रयास किया जा रहा है।
सुयषधर दिवान,एसडीओ,वन विभाग पंडरिया।