पंडरिया। नगर व ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में भाई बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।शुभ मुहूर्त में बहनों ने भाइयों के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर सुरक्षा का वचन लिया।शुक्रवार सुबह 7 से 9.48 तक तथा दोपहर 1.52 बजे से शाम 4.35 तक शुभ मुहूर्त के दौरान राखी बांधा गया।बहनों के साथ ही ब्राम्हणों ने भी यजमानों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।रक्षाबंधन का अर्थ है ‘सुरक्षा का बंधन’।रक्षाबंधन के पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी यानी रक्षा सूत्र बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों को सुरक्षा और मदद प्रदान करने का वचन देते हैं।रक्षाबंधन को हिंदू त्योहार माना जाता है।इसे भाई और बहन के बीच प्यार और सम्मान के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजसूय यज्ञ के समय द्रोपदी ने भी श्रीकृष्ण को रक्षासूत्र के रूप में अपने आंचल का टुकड़ा बांधा था।जिसके बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हुई।लेकिन
बदलते वक्त के साथ इसमें गिफ्ट्स देने की परंपरा भी शुरू हो गई है।भाई अक्सर अपनी बहनों को पैसे या उपहार देकर उनके प्रति अपना प्यार दिखाते हैं।
नगर में रही भारी भीड़-रक्षाबंधन व इसके पहले दिन गुरुवार को नगर में भारी भीड़ रही।राखी दुकान के साथ कपड़ा,फल,मिठाई दुकानों में भारी संख्या के लोग पहुंचे हुए थे।नगर के गांधी चौक में दिन भर जाम लगता रहा।
पौधा लगाकर मनाया रक्षा बंधन– रक्षा बंधन जहां भाई – बहन के प्यार का त्योहार है वहीं नगर के पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्यों ने नगर में पौधों को रक्षा सूत्र पहनाकर सुरक्षा का संकल्प लिया तथा नए बाजार में कदम्ब का एक पौधा लगाकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।समिति ने सभी लोगों से पौधारोपण करने तथा पौधों की सुरक्षा की अपील की।







