आस्था का अंतिम पड़ाव… बाबा भोरमदेव के धाम में होगा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक

पंडरिया।छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना संग माँ नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव तक 10 अगस्त को प्रारंभ हुई 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव भोरमदेव धाम की ओर बढ़ रही है। कठिन रास्तों, घने जंगलों, नदियों और अनगिनत चुनौतियों के बीच हर कदम बाबा भोलेनाथ की भक्ति और आस्था से प्रेरित रहा।


रविवार को यह पावन यात्रा भोरमदेव मंदिर पहुंचेगी, जहां कांवड़ यात्रियों के साथ माँ नर्मदा के पवित्र जल से भगवान भोरमदेव का जलाभिषेक किया जाएगा। विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह केवल यात्रा का समापन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संकल्प और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का दिव्य क्षण होगा।


उन्होंने सभी शिवभक्तों, माताओं-बहनों, युवाओं, समस्त सामाजिक व हिन्दू संगठनों, भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर बड़ी संख्या में भोरमदेव धाम पहुंचकर हम सभी कांवड़ियों का उत्साहवर्धन करें और बाबा भोरमदेव के जलाभिषेक के इस पुण्य अवसर के साक्षी बनें।


पांडातराई में हुआ भव्य स्वागत– यात्रा के छठवें दिन शनिवार को पांडातराई नगर आगमन पर सभी कावड़िये पर पुष्पवर्षा कर बोल बम के जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया गया।श्रीमती भावना बोहरा ने स्वागत और स्नेह के लिए नगरवासियों, भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं, शिवभक्तों एवं विभिन्न सामाजिक व हिन्दू संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।


उन्होंने इस अवसर पर पांडातराई स्थित माँ महामाया मंदिर में माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।उन्होंने कहा कि महामाया माता के दर्शन कर उन्हें दिव्य ऊर्जा और आस्था ने मन को गहराई से भावविभोर कर दिया।
उन्होंने सभी लोगों कहा कि यह स्नेह हमारी भारतीय संस्कृति, आस्था और जनभावनाओं की शक्ति का प्रतीक है, जो आज भी समाज को एक सूत्र में बाँधे हुए है। यह यात्रा केवल बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक का संकल्प नहीं, बल्कि आप सभी के विश्वास, आशीर्वाद और अपनत्व से जुड़ने की यात्रा भी है।