चावल उत्सव से पहले ही फुस्स हुआ खाद्य विभाग पाटन ब्लॉकन की राशन दुकानों में फरवरी का पूरा राशन नहीं पहुंचा, आधे से ज़्यादा दुकानों पर लटका रहा ताला


बलराम यादव
पाटन। सरकार द्वारा 7 फरवरी को पूरे प्रदेश में चावल उत्सव मनाने का दावा किया गया था, लेकिन पाटन ब्लॉक में यह उत्सव कागज़ों तक ही सीमित रह गया। हकीकत यह है कि शासकीय उचित मूल्य दुकानों में फरवरी माह का पूरा राशन अब तक नहीं पहुंच पाया, जिससे हजारों हितग्राही चावल से वंचित रह गए।
पाटन ब्लॉक की आधे से अधिक राशन दुकानों की स्थिति यह रही कि दुकानें खुलने की बजाय ताले में बंद रहीं। आज सुबह ग्राम सेलूद, मुड़पार, चुनकट्टा, अकतई सहित अन्य गांवों की राशन दुकानों पर जब हितग्राही पहुंचे तो उन्हें ताला लटका मिला। इससे लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।
सबसे गंभीर मामला यह है कि कई दुकानों में जनवरी माह का चांवल भी अब तक वितरित नहीं किया गया, जबकि पोस मशीन में अंगूठा लगवाकर वितरण दिखा दिया गया है। यह सीधे-सीधे गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है।
पाटन ब्लॉक में यह कोई पहली बार नहीं है। यहां लगभग हर माह चावल वितरण में देरी आम बात हो गई है। इसके बावजूद खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे नजर आते हैं। सवाल उठता है कि जब हितग्राही परेशान हैं, तब विभाग आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है?
जानकारी के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से चावल उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान स्थिति यह है कि राज्य सरकार के कोटे का चावल तो दुकानों में पहुंच गया है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा भेजा जाने वाला फोर्टिफाइड चावल अब तक नहीं पहुंच पाया है। इसी कारण पूरा राशन वितरण अटका हुआ है।