युक्तियुक्तकरण के कारण सेवा से हटाए गए अतिथि शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय, कलेक्टर से लगाए पुनः यथावत रखने  की गुहार ।    


पंडरिया-ब्लाक सहित कबीरधाम जिले में अनेक प्राथमिक विद्यालयों में अतिथि शिक्षक कार्य कर रहे थे।किंतु शासन ने सेटअप कम कर अतिशेष शिक्षकों को अन्य कमी वाले स्कूलों में पदस्थ कर दिया।जिससे अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे शिक्षक बेरोजगार हो गए।इन शिक्षकों ने कलेक्टर व उपमुख्यमंत्री को आवेदन देकर नियुक्ति की मांग की है।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा गतवर्ष 2024-25 में शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यालयों में  अध्यापन व्यवस्था अंतर्गत स्थानीय प्रशिक्षित डीएड, बीएड अभ्यर्थियों को चयन किया था।जो शिक्षा माह अप्रैल 2025 तक चला। अब शासन की  युक्तियुक्तकरण के कारण संबंधित शालाओं में नए शिक्षक आ जाने से अब अतिथि शिक्षकों के सामने रोजगार की समस्या आ खड़ी है। तथा वे आर्थिक समस्याओं से जुझ रहे हैं। डीप्टी सीएम को उनके निजी सचिव जागेश्वर साहू के माध्यम से आवेदन भी दिए हैं। गुरुवार को पंडरिया  वि.खं. के अतिथि शिक्षकों ने जिला कलेक्टर  गोपाल वर्मा से मुलाकात करके अपनी पीड़ा व्यक्त करके इस सत्र भी अध्यापन अनुमति प्रदान की विनती किए हैं। अतिथि शिक्षक तामेश्वर सेन ने कलेक्टर श्री वर्मा को बताया कि हम इस उम्मीद के साथ अध्यापन कार्य में जुड़े थे कि जब नई शिक्षक भर्ती निकलते तक रहेंगे,लेकिन युक्तियुक्तकरण के नई सेटअप ने हमारा भविष्य अधर में लटका दिया।हमारे पास आय के कुछ साधन ही नहीं रहा।उनके सामने हम जीवन निर्वाह करने की समस्या उत्पन्न हो गयी है। उन्होंने बताया की अभी पंडरिया ब्लाक में 100 से अधिक पद खाली आवश्यकता वाले स्कूलों में हैं,जहां अतिथि शिक्षक के रूप में उन्हें कार्य पर रखने की मांग की है।तामेश्वर सेन के साथ जसविंदर गोयल, भागवत प्रसाद, इंक कुमार,सुंदर मरावी, दुर्गेश्वरी चन्द्रवंशी, सावित्री साहू, बुगली यादव, कलावती पात्रे, सावित्री पन्द्राम सहित दर्जन भर अतिथि शिक्षक उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि कलेक्टर द्वारा उनकी बातों को संवेदनशीलता से समस्या सुना और कुछ समाधान का निकालने का आश्वासन दिया गया।