दुर्ग में गांड़ा-घसिया समाज ने पेश की सामाजिक एकता की मिसाल, नुआखाई से है समाज की पहचान – भगवानू नायक

नुआखाई हमारी सामाजिक एकता का महापर्व — किशोर महानंद

समाज की एकता, शिक्षा और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का लिया संकल्प

दुर्ग, छत्तीसगढ़ | 9 सितम्बर 2026। दुर्ग उत्कल परिवार द्वारा कचहरी चौक, दुर्ग में पारंपरिक हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ नुआखाई मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर एक-दूसरे को नुआखाई की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता, भाईचारे एवं अपनी गौरवशाली संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ राज्य श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक, वरिष्ठ सामाजिक नेता बनमाली छुरा, युवा नेता आशीष तांडी, घसिया समाज अध्यक्ष विनोद नायक, सामाजिक नेता संतोष सोनी, नारायण बंछोर एवं राजीव नायक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के आयोजक लंगूर सोनी एवं युवा नेता अभिषेक टंडन ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए किशोर महानंद ने कहा कि “नुआखाई केवल नई फसल के स्वागत का पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक भाईचारे का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और समाज में एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की प्रेरणा देता है। हमें अपनी नई पीढ़ी को भी अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़कर रखना होगा।”

सामाजिक न्याय कार्यकर्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि “हमारे पूर्वजों ने जिन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा है, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नुआखाई का वास्तविक संदेश आपसी प्रेम, समानता, भाईचारा और सामाजिक एकता है। समाज जब शिक्षित, संगठित और एकजुट होगा तभी सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से मजबूत होगा। हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर समाज की आने वाली पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।”

वरिष्ठ सामाजिक नेता बनमाली छुरा ने अपने संबोधन में कहा कि नुआखाई हमारी पुरातन संस्कृति और पूर्वजों की अमूल्य विरासत है। आधुनिकता के इस दौर में भी समाज अपनी परंपराओं को जीवंत रखे और युवा पीढ़ी को उनके महत्व से परिचित कराए, यह अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकता एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

युवा नेता आशीष तांडी ने कहा कि समाज की युवा शक्ति को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे आना होगा। युवाओं को अपनी संस्कृति पर गर्व करते हुए सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नुआखाई जैसे आयोजन समाज की विभिन्न पीढ़ियों को एक मंच पर लाकर आपसी संबंधों को और मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक प्रतिनिधियों ने नुआखाई को मेहनतकश किसानों, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, नई फसल, सामाजिक समरसता और भाईचारे का महापर्व बताते हुए सभी प्रदेशवासियों एवं समाजजनों को नुआखाई की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में पारंपरिक उत्साह और आत्मीयता का वातावरण रहा। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे से भेंट-मुलाकात कर नुआखाई की बधाई दी तथा समाज की एकता और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन युवा नेता अभिषेक टंडन ने किया तथा अंत में आयोजक लंगूर सोनी ने अभिषेक टंडन , अर्जुन कुमार कुम्भार, खोगेजाल, आर.एन. सेनापति सभी अतिथियों, सामाजिक पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।