घायल बायसन की स्थिति कमजोर पड़ रही,चोट लगे हुए पैर को जमीन में नहीं रख पा रहा,घाव लगातार बढ़ रहा

पंडरिया-नगर से करीब 7 किलोमीटर दूर सगौना के जंगलों में घायल बायसन लगातार कमजोर होते जा रहा है।ज्ञात हो कि ग्राम सरहापथरा के कुछ ग्रामीणों ने पखवाड़े भर पहले उक्त बायसन को तीर से घायल कर दिया था।जिसका वन विभाग द्वारा उपचार कर जंगल मे छोड़ दिया गया था।किंतु इन उपचार से बायसन को लाभ होता नहीं दिख रहा है।उपचार के एक सप्ताह बाद बायसन को अब पहले से ज्यादा दिक्कत हो रही है, वहीं पीठ पर तीर से बना घाव भी पहले से ज्यादा बड़ा दिखाई पड़ रहा है।जिसमें मक्की व कीड़े दिखाई पड़ रहे हैं।वन विभाग निगरानी कर रहा है लेकिन बायसन को उपचार की जरूरत है।निगरानी करने से कोई लाभ होने वाला नहीं है।वन विभाग लगातार उसे कमजोर होते देख रहा है।
10 मीटर भी आगे नहीं बढ़ा बायसन-बायसन पिछले सप्ताह भर से पनिहा नाला के किनारे बैठा हुआ है।एक सप्ताह में वह 10 मीटर भी आगे नहीं बढ़ा है।वह ज्यादा चल नहीं पा रहा है।दाहिने पैर जिसमें चोट लगी थी।उसे वह अब जमीन पर नहीं रख पा रहा है।तीन पैरों की सहायता से पानी पीने नाले तक पहुंचता है तथा वापस किनारे में आकर बैठ जाता है।वन विभाग के कर्मचारियों की टीम लगातार नजर रखे हुए हैं।
लिफ्ट कर ले जाने की जरूरत-बायसन को ज्यादा इलाज की जरूरत है।जिसके लिए उसे कानन पेंडारी या अन्य चिड़ियाघर मे रखकर उपचार करना चाहिए।अभी उसे दर्द का इंजेक्शन लगाकर निगरानी में रखा जाता है।किंतु उसके बढ़ते घाव व चलने में हो रही दिक्कत को देखकर गहन उपचार की आवश्यकता नजर आ रही है।जो जंगल मे संभव नहीं है।