सदन में गूंजा अफीम की खेती का मुद्दा, विपक्ष ने पेश किया स्थगन प्रस्ताव, ‘धान का कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने का लगाया आरोप, गृह मंत्री विजय शर्मा बोले- आरोपियों के खिलाफ की त्वरित कार्यवाही

रायपुर।रायपुर। विधानसभा बजट सत्र के दौरान सोमवार को शून्य काल के दौरान विपक्ष ने दुर्ग में सामने आई भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का मुद्दा उठाया. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही कांग्रेस ने सरकार पर ‘धान के कटोरा’ को ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की बात कही. आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य करते ही गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी करने पर विपक्षी विधायक स्वमेव निलंबित हो गए. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि राजधानी से 50 किलोमीटर की दूरी पर विनायक ताम्रकार नाम का व्यक्ति अपनी निजी भूमि पर अफीम की खेती करने में लगा हुआ है. पूरा छत्तीसगढ़ सूखे नशे से बर्बाद हो रहा है।

भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह होली के ठीक पहले की घटना है. गांव के लोग लकड़ी इकट्ठा करने गये थे, वहां चने के खेत से होते हुए उन लोगों ने यह खेती देखी.

मामले में लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है. एफआईआर आखिर इतना लाचार क्यों बनाया गया है. इसे ग्राहय कर इसमें चर्चा कराएं. पहले तो पंजाब जैसे जगहों से केवल नशे के पदार्थ का आना-जाना चलता था, पर अब तो अफीम की यानी नशे की खेती हो रही है.

उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने जवाब में कहा कि दुर्ग पुलिस को 6 मार्च को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी. किसी सरपंच से ऐसी सूचना नहीं मिली थी. सूचना मिली थी कि अवैध रूप से समोदा गांव के फॉर्म हाउस में अफीम की खेती की जा रही है. तत्काल वाहन टीम पहुंची. एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाई की गई. दूसरे दिन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की मौजूदगी में जप्ती की कार्रवाई की गई. दोषियों को मौके से ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।