महली कुंडा मार्ग अत्यंत जर्जर,पहली बरसात में कीचड़,स्लिप होने से छोटे चार पहिया व दोपहिया वाहन को चलने में मुश्किल

पंडरिया।ब्लाक के ग्राम महली से कुंडा तक निर्मित करीब 6 किलोमीटर तक कि सड़क सड़क अत्यंत हो जर्जर स्थिति में पहुंच गई है।जिसमें इस बरसात के दौरान आवागमन बंद होने की संभावना है।पिछले दिनों हल्की बरसात होने पर महली से कुंडा तक आवागमन बंद हो गया था।उक्त सड़क में जगह-जगह बड़े गढ्ढे बन गए हैं।जिसमें पानी व कीचड़ होने से चलना मुश्किल होता है।सबसे ज्यादा खराब स्थिति रेंगाबोड स्कूल के पास,उत्तर चन्द्राकर के घर के पास, गुंझेटा व अखरा में सड़क पर बड़े गढ्ढे व काली मिट्टी होने से बरसात होने पर वाहन स्लिप होते हैं।वहीं छोटे चार पहिया वाहनों के गड्ढे में डूब जाते हैं।लोगों को ब्लाक मुख्यालय या कुंडा जाने के लिए सड़क बंद होने पर फास्टरपुर या सेन्हाभाटा होकर जाना पड़ेगा।कुंडा के लोगों को ब्लाक मुख्यालय जाने के लिए 13 किलोमीटर की दूरी के लिए 35 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा।


बड़ी सड़क की आवश्यकता-महली से कुंडा बहुत लोगो का प्रतिदिन आवागमन है।पूर्व निर्मित सड़क की चौड़ाई कम होने व पुराने होने के कारण इसमें सफर करना जोखिम भरा है।क्षेत्र के लोग लंबे समय से उक्त 6 किलोमीटर की सड़क को बड़े प्रोजेक्ट में चौड़ी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।यह सड़क अभी प्रधानमंत्री सड़क में शामिल है,जिसे पीडब्ल्यूडी व एडीबी परियोजना के तहत चौड़ी सड़क के परिवर्तित करने की जरूरत है।


मरम्मत नहीं– इस सड़क का निर्माण तो दूर मरम्मत भी नही हो पा रहा है,जिसके कारण अब बरसात के सड़क बंद होने की संभावना है।
एक तरफ जहां मरम्मत नहीं होना सड़क खराब होने की वजह है, वहीँ गांव के वे लोग भी जिम्मेदार हैं।जो सड़क किनारे निवास करते हैं,तथा अपने घरों के नाली के पानी को सड़क पर छोड़ते हैं।इसके अलावा अपने घरों को सड़क से बहुत अधिक ऊंचा करके पानी सड़क पर बहाते हैं।इस मार्ग में सड़क खराब होने ल एक वजह यह भी है।