सेलूद में करवा चौथ पर दिखा आस्था और परंपरा का अनूठा संगम, किसी ने थाली में बनाया चांद तो किसी ने भगवान शिव के मस्तक पर विराजित चंद्रमा को नमन कर पूरी की पूजा


पाटन। करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था, विश्वास और पति की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक है। इस बार छत्तीसगढ़ में बादलों के कारण चंद्र दर्शन में परेशानी हुई, लेकिन महिलाओं की आस्था कम नहीं हुई। चांद नजर नहीं आने पर भी महिलाओं ने हिम्मत नहीं हारी और तकनीक का सहारा लेकर अपनी पूजा-अर्चना पूरी की।
पाटन ब्लॉक के ग्राम सेलूद में भी करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यहां कुछ महिलाओं ने बैंगलोर में रह रहे अपने परिजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया और वहां से चांद के दर्शन कर व्रत की पूजा संपन्न की। परिजनों के दूर रहने के बावजूद मोबाइल ने उन्हें इस खास अवसर पर एक-दूसरे से जोड़ दिया।

बताया गया कि बैंगलोर में भी आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे, लेकिन रात करीब 8:55 बजे से 9:25 बजे के बीच चांद दिखाई दिया। इसके बाद वहां मौजूद परिजनों ने वीडियो कॉल के माध्यम से चंद्र दर्शन कराए, जिससे सेलूद में रह रही महिलाओं ने अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की।
वहीं, कुछ महिलाओं ने थाली में ही चांद की आकृति बनाकर पूजा की और अपना व्रत पूरा किया। दूसरी ओर, कई महिलाओं ने भगवान शंकर के मस्तक पर विराजित चंद्रमा को नमन कर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की।
इस तरह मौसम की बाधाओं के बीच भी महिलाओं ने अपनी आस्था और परंपरा को बनाए रखा। करवा चौथ के इस अवसर पर सेलूद में देखने को मिला कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, श्रद्धा और विश्वास के साथ पर्व मनाने का उत्साह कम नहीं होता।






