पाटन। नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के वार्ड क्रमांक-1 स्थित प्रगति विहार कॉलोनी के रहवासी इन दिनों नाली निर्माण की धीमी गति और अव्यवस्था से परेशान हैं। वर्षों पुरानी नाली निर्माण की मांग के बाद इसके लिए राशि स्वीकृत हुई, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि करीब 180 मीटर नाली निर्माण में काफी समय लग रहा है। ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ दिए जाने से कॉलोनीवासियों की परेशानी और बढ़ गई है।

रहवासियों के अनुसार नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खुदाई तो कर दी गई, लेकिन खुदाई से निकला मलबा सड़क पर ही डाल दिया गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी में 70 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जिन्हें रोजाना इस समस्या से गुजरना पड़ रहा है।
निर्माण की गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल
रहवासियों ने नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि नाली निर्माण के लिए जो प्राक्कलन तैयार किया गया है, उसके अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्य की धीमी गति के साथ गुणवत्ता की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बारिश में जलभराव का बढ़ा खतरा
वर्तमान में बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में अधूरा नाली निर्माण कॉलोनीवासियों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। नाली का निर्माण समय पर पूरा नहीं होने पर बारिश का पानी सड़क और आसपास के क्षेत्रों में जमा होने की आशंका है। इससे लोगों को आवागमन के साथ-साथ जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
ठेकेदार पर समय पर काम पूरा नहीं करने का आरोप
रहवासियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद अमलेश्वर द्वारा जिस ठेकेदार को नाली निर्माण का कार्य सौंपा गया है, उसके द्वारा निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं किया जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि पालिका प्रशासन मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता की जांच कराए तथा अधूरे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए।
कुछ दिन पहले कांग्रेसियों ने भी किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही कांग्रेसियों ने नगर पालिका परिषद अमलेश्वर में विभिन्न मांगों और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर पालिका कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया था। ऐसे में प्रगति विहार कॉलोनी में नाली निर्माण की स्थिति ने एक बार फिर नगर पालिका के निर्माण कार्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि पालिका प्रशासन रहवासियों की समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हुए अधूरे नाली निर्माण को पूरा कराने और निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए क्या कदम उठाता है।






