पटवारी आर.के. मिश्रा के खिलाफ सरपंच ने खोला मोर्चा, कमिश्नर से की गंभीर शिकायत, इधर एसडीएम पाटन ने पटवारी को जारी किया कारण बताओ नोटिस

नौ साल से किसानों के नक्शे नहीं काटने, ग्रामीणों से पैसे मांगने और फोन नहीं उठाने सहित लगाए कई आरोप, स्थानांतरण की मांग

पाटन। पाटन विकासखंड के ग्राम पंचायत अमेरी के पटवारी हल्का नंबर 13 में पदस्थ पटवारी आर.के. मिश्रा के खिलाफ ग्राम पंचायत के सरपंच ने मोर्चा खोल दिया है। सरपंच ने पटवारी पर गंभीर लापरवाही, ग्रामीणों से दुर्व्यवहार और आर्थिक लेन-देन से जुड़े आरोप लगाते हुए जिला कमिश्नर दुर्ग को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई एवं स्थानांतरण की मांग की है।

शिकायत में सरपंच ने आरोप लगाया है कि पटवारी आर.के. मिश्रा नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं। किसानों एवं सरपंच-पंचों द्वारा फोन किए जाने पर भी फोन नहीं उठाते। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी उन्हें बार-बार परेशान होना पड़ता है तथा प्रत्येक कार्य के एवज में पैसों की मांग की जाती है।

शिकायत के अनुसार, कई किसानों के खेतों का नक्शा पिछले आठ से नौ वर्षों से नहीं काटा गया है। जाति, आय एवं छात्रवृत्ति संबंधी फार्म भरने के दौरान विद्यार्थियों को पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें समय पर छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाता।

इसके अलावा एक गरीब परिवार के राशन कार्ड पर हस्ताक्षर करने से मना किए जाने के कारण परिवार को पिछले दो-तीन महीनों से राशन नहीं मिलने का आरोप भी लगाया गया है। सरपंच ने अविवादित फौती नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों में समय सीमा के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने की शिकायत की है। इससे ग्रामीणों को तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और कथित रूप से पैसे देकर काम करवाने की नौबत आने की बात कही गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पटवारी आम जनता के प्रति उचित व्यवहार नहीं करते तथा जमीन की खरीद-बिक्री संबंधी कार्यों में व्यस्त रहते हैं।

स्थानांतरण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

सरपंच  ने जिला कमिश्नर से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने, पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा उनका अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामवासी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन और राजस्व विभाग क्या कार्रवाई करता है। वहीं, मामले में संबंधित पटवारी का पक्ष सामने आना बाकी है।