सेलूद के पूर्व सरपंच के खिलाफ सतनामी समाज ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, एस सी एस टी एक्ट के तहत  कार्रवाई की मांग

सेलुदग्राम पंचायत सेलुद के पूर्व सरपंच द्वारा सोशल मीडिया पर वर्तमान सरपंच और सतनामी समाज के खिलाफ कथित रूप से अमर्यादित, जातिगत द्वेषपूर्ण और भ्रामक टिप्पणियाँ करने का मामला तूल पकड़ गया है। इस संबंध में तहसील सतनामी समाज पाटन के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) पाटन को एक ज्ञापन सौंपकर पूर्व सरपंच के खिलाफ एस.सी./एस.टी. एक्ट एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सेलुद के पूर्व सरपंच श्री खेमलाल साहू द्वारा सोशल मीडिया चैट के माध्यम से वर्तमान सरपंच एवं तहसील सतनामी समाज के युवा अध्यक्ष श्री खिलेश मारकंडे के विरुद्ध अत्यंत आपत्तिजनक और आधारहीन टिप्पणियाँ की गईं। सतनामी समाज का कहना है कि सोशल मिडिया पर इस प्रकार जातिगत और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना समाज में ऊंच-नीच का भेद पैदा करने, आपसी विद्वेष फैलाने और क्षेत्र का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास है।शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस प्रकार की संकीर्ण और पूर्वाग्रह से ग्रसित सोच के कारण संपूर्ण समाज में भारी रोष व्याप्त है। ज्ञापन सौंपने वालों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति एवं आपसी भाईचारा बना रहे।ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में तहसील सतनामी समाज पाटन के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रूप से संतराम कुर्रे, मोती बघेल, सेवा लाल अनंत, चेतन जोशी, राजू बंजारे, योगेश चंदेल, गौरव कौशल, नानू कौशल, सुरेंद्र जी, भूषण कौशल, दिनेद्र जांगड़े, भास्कर चेलक ओमप्रकाश बंजारे और मोहित सोनवानी दुर्गेश पाटिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे