अकतई/
ग्राम पंचायत अकतई के आश्रित ग्राम चारभाठा में स्थित सरकारी प्राथमिक शाला आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है। स्कूल का पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर और खंडहर हो चुका है, जिससे यहाँ पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य और सुरक्षा दोनों दांव पर लगे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पिछले एक साल से स्कूल का संचालन ग्रामीणों के सहयोग से बने एक ‘सामाजिक भवन’ में किया जा रहा है।
अधिकारियों और मंत्रियों को सौंप चुके हैं ज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर शासन-प्रशासन के हर दरवाजे पर दस्तक दे चुके हैं। पूर्व में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव को पत्र प्रेषित कर नए भवन की मांग की जा चुकी है। इसके साथ ही क्षेत्र के सांसद, जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सभापति और जनपद सदस्यों को भी कई बार ज्ञापन सौंपा गया है। बावजूद इसके, आज तक धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सामाजिक भवन में पढ़ाई, बच्चों को हो रही परेशानी
एक कमरे के सामाजिक भवन में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक साथ बैठकर पढ़ना पड़ता है, जिससे न तो पढ़ाई ठीक से हो पा रही है और न ही स्कूल का अनुशासन बना पा रहा है। बारिश के मौसम में छत टपकने और बैठने की जगह की कमी के कारण बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण इसे शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही और बच्चों के मौलिक अधिकारों का हनन मान रहे हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी
चारभाठा के ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यदि जल्द ही स्कूल भवन के निर्माण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्राम पंचायत अकतई की सरपंच श्रीमती माधुरी नरोत्तम निषाद ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, “हमने शासन और प्रशासन के हर स्तर पर गुहार लगाई है, लेकिन चारभाठा के मासूम बच्चों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जर्जर भवन की वजह से बच्चे सामाजिक भवन के एक छोटे से कमरे में भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा मंत्री और कलेक्टर महोदय को अवगत कराने के बाद भी अब तक फंड जारी न होना निराशाजनक है। यदि जल्द ही नए भवन की स्वीकृति नहीं मिली, तो हम ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”






