भागवत कथा में सुनाई श्री कृष्ण जन्म की कथा, कथा सुनने पहुंचे जनप्रतिनिधि



पाटन। ग्राम रानीतराई में  वर्मा परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज कथावाचक  पंडित श्री हरिशरण वैष्णव  ने कथा में कृष्णजन्म की कथा व उनकी बाल लीलाओ का वर्णन करते हुए कृष्ण की माता यसोदा से मित्या करना दही माखन को चुरा चुरा के खाने एवं गोपियो को तंग करने की सम्पूर्ण  लीला को बताया । उन्होंने माखन चुराने की उस कला का विशेष व्याख्या किया की जब गोपियो के घर में नही होने पर भगवान अपने सखो के साथ गोपियो के घर में जाकर सीखे में रखे माखन को चुराके खाते थे और पकड़े जाने पर जिस प्रकार वह माता यसोदा को मनाते और अपने बातो में रिझा लेते थे और माता यसोदा आसानी से उन की बात में आकर गोपियो से अपने लल्ला की बात मनाकर भगवान की बात को आसानी से मान जाती थी महाराज ने आगे की कथा भी विस्तार से की ——
             जो जीव् भगवान् के भक्तों का ही चरण पकड़ ले भगवान् उन्ही को पहले तार देते है भक्त को तो बाद में तारते है,गज और ग्राह की कथा में यह सीख हमे मिलता है।
गाह ने गज का चरण पकड़ा और गज के पुकारने से भगवान् आये लेकिन उद्धार पहले गाह का किया है।
भागवत कथा जीवन जीने की कला सिखाती है।
जब हम अपने मन का मंथन करे तो हो सकता है पहले विष रूपी विचार निकले लेकिन यदि हम प्रेम रूपी रस्सी से नारायण का नाम लेते हुए अपने मन का मंथन करते रहे तो एक दिन अमृत निकल कर ही रहेगा।
दान की महिमा इतनी अत्यधिक है कि दानी के आगे भगवान् को भी हाथ फैलाना पड जाता है जिस प्रकार राजा बलि के सामने वामन नारायण भगवान को अपना हाथ फैलाना पड़ गया।भगवान इतने करुणावत्सल है कि राजा बलि से त्रैलोक्य की संपदा भी मांग लिये और स्वयं उनके द्वारपाल भी बन गए।जब जब अधर्म,धर्म पर भारी होता है भगवान् अनेका नेक रूप में आते है और लोगो को अपने चरित्र से अनेकानेक उपदेश दिए जीवन जीने की कला सिखाई गयी।
भागवत कथा के माध्यम से सभी भक्तों ने धूमधाम से श्री कृष्ण जन्मोत्सव एवं दही लूट का आयोजन हुआ।
इस दौरान आशीष वर्मा पूर्व ओएसडी,अशोक साहू पूर्व उपाध्यक्ष ज़िप दुर्ग,जनपद सदस्य रश्मिभेद प्रकाश वर्मा,दिनेश साहू,सरपंच सत्यनारायण टिकरिहा,संतोष पटेल,भविष्य जैन,विजय वर्मा,केदार वर्मा,सुमित विश्वकर्मा,सोमू वर्मा,सतीश नेताम सहित श्रद्धालु मौजूद थे।