रायपुर ।
प्रदेश में लगातार शीतलहर चल रही है। सोमवार को उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ी। अंबिकापुर पिछले एक दशक में दूसरी बार सबसे ठंडा रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2015 में यहां का तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था। मौसम विभाग का कहना है कि सरगुजा, रायपुर और दुर्ग संभाग में शीतलहर का असर रहेगा।
हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पूरा छत्तीसगढ़ जबरदस्त ठंड की चपेट में है। अंबिकापुर में यह पिछले एक दशक का रिकॉर्ड रहा। मंगलवार को भी अच्छी ठंड की संभावना है। तापमान में गिरावट के कारण ठंड और बढ़ गई है। जिले के पहाड़ी इलाकों मैनपाट और सेमरापाट में रात के तापमान में 2 डिग्री की असामान्य गिरावट दर्ज की गई है। पेंड्रा रोड का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम है। यहां भी लगातार शीतलहर चल रही है। वहीं राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम है। रायपुर में आउटर इलाकों में ठंड का असर ज्यादा रहा।
भास्कर नॉलेज
दिसंबर के अंत में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड
रायपुर लालपुर स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में दिसंबर महीने में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इसमें भी दिसंबर के बाद जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है। पिछले एक दशक में दिसंबर महीने के न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड आमतौर पर 20 से 31 दिसंबर के बीच दर्ज किया गया है। शीतलहर भी इसी दौरान सबसे ज्यादा चलती है।
उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश को ठंडा करती हैं। सर्दी के मौसम में उत्तर-पूर्वी मानसून की वजह से दिसंबर और जनवरी के बीच में दो-तीन बार बारिश होती है। बारिश होने से ठंड और बढ़ जाती है। हालांकि इस साल दिसंबर में अब तक बारिश नहीं हुई है, इस कारण लगातार ठंड बनी हुई है।
1 से 30 दिसंबर तक छत्तीसगढ़ में 5.2 मिमी बारिश सामान्य होती है, जबकि इस बार अब तक बारिश नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटे कड़ाके की ठंड के रहेंगे। इसके बाद रात के तापमान में अगले तीन दिनों तक क्रमिक वृद्धि होगी। इससे दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक ठंड का असर कुछ कम होने की संभावना है।







