गिधवा–परसदा पक्षी महोत्सव :
देशी–विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गूंजा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स…9 दिसम्बर को वन मंत्री करेंगे बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण

बेमेतरा।राज्य जयंती महोत्सव के अवसर पर दुर्ग वनमण्डल के गिधवा–परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में 6 एवं 7 दिसंबर को पक्षी महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र के वातावरण को उत्साह, उमंग और प्रकृति की मधुर धुनों से भर दिया। दो दिनों तक चले इस विशेष आयोजन में देशी–विदेशी पक्षियों की मनमोहक उपस्थिति ने प्रतिभागियों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, फोटोग्राफरों तथा प्रकृति–प्रेमियों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान किया।

महोत्सव के दौरान गिधवा–परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में कुल 132 प्रजातियों के पक्षियों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जो इस आर्द्रभूमि की समृद्ध जैव–विविधता और अनुकूल प्राकृतिक परिवेश का प्रमाण है। अक्टूबर से फरवरी तक सैकड़ों प्रवासी पक्षियों का इस क्षेत्र में आगमन इसे एक विशेष बर्ड हॉटस्पॉट बनाता है, और इसी विशिष्टता को नजदीक से महसूस कराने हेतु यह आयोजन किया गया।



महोत्सव के पहले दिन विषय–विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को पक्षियों की पहचान, प्रवास, फ्लाइवेज और वेटलैंड संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञ प्रतीक ठाकुर ने वैज्ञानिक तरीकों से पक्षियों की पहचान करने की बारीकियों को समझाया, जबकि विशेषज्ञ रवि नायडू ने प्रवासी पक्षियों के दीर्घ यात्रा मार्गों और उनके संरक्षण के महत्व को स्पष्ट किया। विशेषज्ञ राजू वर्मा ने वेटलैंड को प्राकृतिक सुपरमार्केट और सुरक्षित आवास बताते हुए कहा कि जब हम आर्द्रभूमि का संरक्षण करते हैं, तो हम प्रत्यक्ष रूप से पक्षियों के भविष्य को सुरक्षित करते हैं। वहीं विशेषज्ञ जागेश्वर वर्मा ने बर्ड वॉचिंग के अपने अनुभव साझा कर नए पक्षी प्रेमियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा दी।



पक्षी महोत्सव के दौरान परसदा टैंक में पहली बार आए मलार्ड ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और इसे देखने के लिए प्रतिभागियों ने घंटों तक धैर्यपूर्वक अवलोकन किया। फोटोग्राफर राजू वर्मा द्वारा मलार्ड की विशेष फोटोग्राफी की गई, जिसे सभी ने खूब सराहा। इसी तरह एरमशाही टैंक में सौ से अधिक ग्लॉसी आइबिस का एक साथ होना प्रतिभागियों के लिए अत्यंत रोमांचकारी दृश्य बना। महोत्सव में राजू वर्मा द्वारा लगाई गई फोटो प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी, जिसमें वेटलैंड और पक्षियों की अनूठी सुंदरता को बखूबी प्रस्तुत किया गया। स्कूली बच्चों ने चित्रकला प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।



गिधवा परसदा वेटलैंड कॉम्प्लेक्स में पहली बार दिखा प्रवासी पक्षी टिकल्स लीफ वार्बलर (Tickells leaf warbler )इस छोटे आकार के बेहद सक्रिय पक्षी की फोटोग्राफी मुरकुटा टैंक में राजू वर्मा और जागेश्वर के द्वारा की गई।इस पक्षी के रिकार्ड होने के साथ ही गिधवा परसदा वेटलैंड काम्प्लेक्स में कुल रिकॉर्डेड पक्षियों की प्रजाति 270 हो गई है।
इस पक्षी को छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में पहले भी देखा जा चुका है लेकिन गिधवा परसदा वेटलैंड में ये पहली बार नजर आया।



टिकल्स लीफ वार्बलर

आगामी 9 दिसंबर को माननीय वनमंत्री केदार कश्यप गिधवा–परसदा बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ करेंगे।


इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक एम. मर्सिबेला ने प्रतिभागियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वेटलैंड संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर अपने विचार साझा किए और कहा कि प्रकृति का संरक्षण तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय इसके केंद्र में हों।
वनमण्डलाधिकारी दीपेश कपिल ने स्थानीय पक्षी मित्रों, प्रतिभागियों और ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गिधवा–परसदा की पहचान आज जिस ऊँचाई पर है, वह सभी के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।