कर्नाटक की जीत कांग्रेस पार्टी की जीत, सकारात्मक राजनीति की जीत है, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री शाह व भाजपा ने दिन और रात एक कर किए थे बहुत सारे नए नए नाटक, फिर भी उनके हाथ से निकल गया कर्नाटक- बीसीसी अध्यक्ष राजेश ठाकुर

पाटन- कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर परिणाम को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जामगांव आर के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि – कर्नाटक विधानसभा के चुनावों में भारत के दक्षिणी राज्यों में कर्नाटक की जनता का संदेश साफ है। महंगाई गरीबी भ्रष्टाचार बेरोजगारी भावनात्मक मुद्दों का खात्मा करो, जन विकास रोजगार की बात करो, गरीबी का खात्मा, भ्रष्टाचार का विनाश, हिंसा आतंकवाद सांप्रदायिकता का खात्मा और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दों को जनता के बीच ले जाओ, कर्नाटक के चुनाव में बीजेपी स्थानीय मुद्दों से नहीं जुड़ पाई और वह हवा हवाई बातें ही करती रही। यह सब जनता के गले नहीं उतरा, कर्नाटक की जनता ने इस सबको स्वीकार नहीं किया। और सत्तारूढ़ पार्टी के विपक्ष में जमकर मतदान किया और कांग्रेस पार्टी को अपना पूर्ण बहुत प्रदान किया। 

अध्यक्ष श्री ठाकुर ने आगे कहा कि- यह कर्नाटक की जीत सकारात्मक राजनीति की जीत है, जनता के मुद्दों की राजनीति की जीत है और नकारात्मक राजनीति और भावनात्मक मुद्दों की राजनीति की हार है। यह गलत मुद्दों की राजनीति की करारी हार है। कर्नाटक में बीजेपी के जनविरोधी, विकास विरोधी नीतियों और कार्यक्रमों की हार है। बीजेपी और हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा बनाई गई सुपर मानव की इमेज की हार है। इन चुनाव में बीजेपी के स्थानीय नेता चुनाव से नदारद थे, भाषणों से नदारद थे, इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ा यह चुनाव परिणाम से स्पष्ठ हो गया हैं।

इन चुनाव में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 रैलियां, 6 रोड शो की हैं। साथ ही कर्नाटक चुनाव में बीजेपी का पूरा कुनबा फेल, जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा- ने 10 रैलियां & 16 रोड शो, अमित शाह-16 जनसभाएं और 15 रोड शो, रक्षा मंत्री- 4 जनसभाएं, स्मृति ईरानी- 17 सभाएं और 2 रोड शो, नितिन गडकरी- 3 जनसभाएं, निर्मला सीतारमण-8 जनसभाएं, हिमंत बिस्वा शर्मा- 15 जनसभाएं और 1 रोड शो, योगी आदित्यनाथ- 9 जनसभाएं और 3 रोड शो, शिवराज सिंह चौहान- 6 जनसभाएं और 1 रोड शो, जैसे कर्नाटक चुनाव चुनाव के वही सब कुछ है, मगर जनता ने उनके सुपर मानव होने की इस इमेज को गहरा धक्का पहुंचाया है। यह कर्नाटक में बीजेपी की प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में, हिंदू मुस्लिम की जहर फैलाने की ध्रुवीकरण की मुहिम और राजनीति की करारी हार है, कर्नाटक के चुनाव में यह झूठ, अफवाह, धार्मिक भावना और नफरत के ध्यान भटकाने वाले मुद्दों की राजनीति की हार है।