गौठान का नाम बदलने से क्या होगा ये योजना कांग्रेस की थीः
अंडा।उपाध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल केशव बंटी हरमुख ने कहा कि भाजपा सरकार गौठान के बदले गौधाम खोलने जा रही है। सिर्फ नाम बदलकर नई बोतल में पुरानी शराब भरने में भाजपा सरकार ने दो साल लगा दिया। गौठान शब्द हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति में स्थापित गांव की गौरवशाली पारंपरिक नाम था। छत्तीसगढ़ में गौधाम शब्द का कही भी प्रयोग नही होता। कहा कि ये लोग छत्तीसगढ़ के संस्कृति के विरोधी है। इन्हें छ.ग. की संस्कृति से सरोकार नही है। श्री हरमुख ने कहा कि गौठान नाम से भाजपा सरकार को इतनी नफरत है तो 2 साल का समय नाम बदलने में क्यों लगा दिये? जो व्यवस्था कांग्रेस शासन काल में सुचारू रूप से संचालित हो रहा था। उसे लगातार जारी न रखकर वर्तमान की भाजपा सरकार ने उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया। कांग्रेस शासन के 5 साल में सरकारी कोष से करोड़ों रूपया खर्च कर अनेको गौठान गांव-गांव में बनाया गया जो आत्म निर्भर हो गया था। शासन की कही सहयोग की जरूरत नही रह गया था। यहां पर वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन के अतिरिक्त महिला समूहों बाड़ी योजना के अंतर्गत सब्जी उगाकर बेचते थे एवं मछली-मुर्गी पालन करते थे जिसके कारण गोठान आर्थिक रूप से सक्षम बन गया था। दो साल तक भाजपा सरकार द्वारा गौठानों की अनदेखी के कारण अनेकों गौठान बर्बाद हो गया है। फैसिंग तार, गौठान में लगा पम्प, तौलने का सामान एवं शेड आदि चोरी हो गया है। लावारिस होने की स्थिति में करोड़ों की राशि का नुकसान इससे हुआ है। कांग्रेस सरकार की गौवंशो की रक्षा एवं महिला समूहों को आत्म निर्भर बनाने की महात्वाकांक्षी योजना थी जो लगभग सफल हो गई थी जिसे भाजपा की सरकार आते ही विध्वंस कर दिया। श्री हरमुख ने आगे कहा कि भाजपा शासन के गौधाम योजना की घोषणा में गौ सेवक एवं चरवाहा को वेतन देने की बात तो कही गई है लेकिन चारा-पानी की व्यवस्था कैसे होगी एवं अन्य रख-रखाव, संचालन के लिए गौठान को कितनी राशि दी जायेगी। साथ ही साथ गौधाम कब तक प्रारंभ होगी? यह सरकार ने स्पष्ट नही किया है। प्रदेश में सैकड़ो की संख्या में गौवंश वाहनों से कुचल कर मर रहे है। किसानों की लाखों रूपये की फसल बर्बाद हुआ है। आज कई हजारो की संख्या में दुघर्टना से एवं, भूख, प्यास से मौत होने पर भाजपा सरकार की गौरक्षा करने की भावना, शासन में आने के दो साल बाद जागी है।







