
पंडरिया-कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा आयोजित पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा।नगर के जनपद कार्यालय,एसडीएम कार्यालय,बीईओ कार्यालय,तहसील कार्यालय सहित सभी कार्यालय में वीरानी छाई रही। कार्यालय में कर्मचारियो व अधिकारियों के नहीं होने के कारण ग्रामीण भी नहीं पहुंच रहे हैं।ब्लाक के करीब 90 प्रतिशत विद्यालय दूसरे दिन भी बंद रहे।विद्यालय में शिक्षकों के आंदोलन में होने के साथ स्विपर भी पिछले चार महीने से हड़ताल में हैं।जिसके चलते स्कूल खोलने वाले भी नहीं बचे हैं।आगामी दिनों में खाना बनाने वाले रसोईया भी हड़ताल में जाने वाले हैं।छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार के मंहगाई भत्ते में 12 प्रतिशत का अंतर है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केवल 22 प्रतिशत मंहगाई भत्ता दिया जा रहा है,जबकि केंद्रीय कर्मचारियो को 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता मिल रहा है।आंदोलन के दूसरे दिन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला सह संयोजक व्यास नारायण तिवारी,प्रमोद शुक्ला,यू आर चन्द्राकर,निर्मलकर ने संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा विगत 4 वर्षों केवल तीन बार मंहगाई भत्ता दिया गया है,जबकि 4 वर्षो में 8 बार मंहगाई भत्ता मिलना था।उन्होंने कहा कि सरकार अपने मंत्री विधायक का वेतन भत्तों को बढ़ाने में एक पल भी नहीं लगाती है,जबकि कर्मचारियो के वेतन भत्तों के लिए कमेटी बनाकर अपने कर्तव्य से पीछे भाग रही है। उन्होंने समस्त कर्मचारियों से अपने अधिकार के लिए अधिक संख्या में धरना स्थल पर उपस्थित होने के अपील की है।
*ज्ञापन दिया गया*-आंदोलन के दूसरे दिन टीचर्स एसोसिएशन व शालेय शिक्षक संघ द्वारा शासन के नाम एसडीएम कार्यालय में दिया गया।एसडीएम कार्यालय में लिपिक सहित समस्त कर्मचारी हड़ताल में होने के कारण ज्ञापन लेने वाले नहीं थे।जिसके बाद ज्ञापन को कार्यालय में मौजूद सुरक्षा गार्ड के माध्यम से दिया गया।






