पाटन। दक्षिण पाटन अंचल में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भगवान का मंदिर सहित किसानों के खेत में।लगे मोटर पंप, केबल वायर, सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल और अब फैक्ट्री तक चोरों के निशाने पर हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद कई मामलों में चोरों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में असुरक्षा का माहौल बढ़ता जा रहा है।

ताजा मामला सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात टेमरी नहर के पास स्थित ओम फ्लाई ऐश ब्रिक्स फैक्ट्री का है। अज्ञात चोर फैक्ट्री परिसर में दाखिल हुए और CCTV कैमरे तथा DVR तक निकालकर ले गए। इसके अलावा पेयजल मोटर, फैक्ट्री मोटर का केबल, ट्रैक्टर के सेल्फ-बोल्ट पार्ट्स सहित अन्य सामान चोरी कर लिया गया। फैक्ट्री मालिक जयप्रकाश चंद्राकर के अनुसार चोरी गए सामान की कीमत करीब एक लाख रुपये है। चोरों ने चौकीदार के कमरे में भी तोड़फोड़ की।

घटना की लिखित शिकायत जामगांव आर थाने में की गई है। बताया जा रहा है कि CCTV के एक कैमरे में चोर की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। ऐसे में पुलिस के सामने अब फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है। मामले में जामगांव आर पुलिस जांच कर रही है।

दो दिन पहले बाइक चोरी, मंदिर भी नहीं बचा
फैक्ट्री चोरी की घटना से महज दो दिन पहले किकिरमेटा अरकार शराब दुकान के पास बेल्हारी निवासी दयानंद बंसोड की पल्सर मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। मामले की शिकायत सनौद थाने में दर्ज कराई गई है।
वहीं बेल्हारी के शिव मंदिर को भी चोरों ने नहीं छोड़ा। यहां से तांबे का नाग, लोटा सहित अन्य सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा क्षेत्र के किसानों के खेतों में लगे सिंचाई पंपों के केबल चोरी की घटनाएं लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से केबल और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। कई मामलों में कार्रवाई अथवा चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं होने से किसानों में निराशा बढ़ रही है। स्थिति यह है कि कुछ ग्रामीण चोरी की शिकायत दर्ज कराने थाने तक जाने से भी कतराने लगे हैं।
कबाड़ में खप रहा चोरी का माल?
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि खेतों से चोरी किए जाने वाले केबल और अन्य धातु सामग्री को कबाड़ी के माध्यम से खपाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि कबाड़ी कारोबारियों तथा चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त के संभावित ठिकानों की प्रभावी जांच करे तो चोरी के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर चोरी का माल कहां खपाया जा रहा है और पुलिस उस कड़ी तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है?
एसडीओपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
क्षेत्र में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पाटन एसडीओपी प्रांशु तिवारी ने जामगांव आर थाना प्रभारी एवं पुलिस अमले को चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा दर्ज शिकायतों की तत्परता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब ग्रामीणों की नजर पुलिस की कार्रवाई और पुराने तथा नए चोरी के मामलों के खुलासे पर टिकी हुई है। दक्षिण पाटन में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाएं सिर्फ कानून-व्यवस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी हैं। यदि पुलिस जल्द ही मामलों का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचने और चोरी का सामान बरामद करने में सफल नहीं होती है, तो “चोर बेखौफ और पुलिस बेबस” जैसी ग्रामीणों के बीच बन रही धारणा और गहरी होना स्वाभाविक है।






