बलराम यादव
पाटन। जनपद पंचायत पाटन के सभी निर्वाचित सरपंचों को एकजुट करने और सरपंचों की है कि लड़ाई लड़ने सरपंच संघ का गठन छत्तीसगढ़ के लगभग प्रत्येक ब्लॉक में किया गया है। लेकिन पाटन में पिछले कार्यकाल से ब्लॉक स्तर पर दो सरपंच संघ का गठन होता रहा है। इस बार भी दो सरपंच संघ का गठन हुआ है। लेकिन इन दोनों की संघ के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी अभी तक अपने अपने संघ की एक बैठक तक आयोजित नहीं कर पाया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों संघ के जिम्मेदार पदाधिकारी सरपंचों के अधिकार और उसके समस्याओं के निराकरण के लिए कितने गंभीर है।
पाटन में सरपंच संघ का गठन भी गुटीय लड़ाई का भेंट चढ़ गया है। भाजपा और कांग्रेस समर्थित सरपंच अपने अपने समर्थकों के साथ मिलकर अलग अलग सरपंच संघ बना लिए है। दो सरपंच संघ है तो ब्लॉक के कई सरपंच असमंजस में है कि आखिर किस संघ में अपनी बात रखे।


सोशल मीडिया में चर्चा का दौर शुरू
सूत्रों से जानकारी मिली है कि एक व्हाट अप ग्रुप बनाई गई है जिसमें ब्लॉक के सभी सरपंचों की ग्रुप में जोड़ा गया है। पिछले कुछ समय से उसी ग्रुप में सरपंच संघ की बैठक को लेकर तकरार देखने को मिल रही है। हालांकि इस ग्रुप में दोनों संघ के पदाधिकारी भी शामिल है। लेकिन इसके बाद भी सरपंच संघ की बैठक के लिए एक तिथि पर सहमति नहीं बन पा रही है। एक साथ बैठक होगा तो संगठन मजबूत दिखेगा। लेकिन अगर अलग अलग बैठक दोनों सरपंच संघ की हुई तो बाकी के सरपंच किस संघ की बैठक में जाएंगे यह देखने वाली बात होगी।
भाजपा और कांग्रेस
सरपंच संघ का गठन हुआ है उसमें स्पष्ट दिखता है कि भाजपा और कांग्रेस समर्थित सरपंच सब अपना अलग अलग संघ बना लिए है। भाजपा समर्थित सरपंच संघ का अध्यक्ष विनय चंद्राकर है तो कांग्रेस समर्थित सरपंच संघ के अध्यक्ष रूपेंद्र शुक्ला को बनाया गया है। लेकिन अभी तक दोनों ही अध्यक्ष नियुक्ति होने के बाद एक भी बैठक नहीं करा पाए है।






