पाटन।आधुनिक युग में पाटन क्षेत्र बेलौदी एक ऐसे गांव है, जहां मोबाइल नेटवर्क आज भी काम नहीं करता है। वैसे गांव के ग्रामीणों को मोबाइल से बात करने के लिए छत में या घरों के बाहर जानापड़ता है।
गांव में मोबाईल टॉवर होने के बाद भी मोबाइल नेटवर्क नहीं होना गांव वालो के लिए चुनौती बनी हुई है। इस आधुनिक युग में गांव-गांव में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का दावा अलग-अलग कम्पनी करती है। उनका दावा इस गांव में खोखली नजर आ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गांव बेलौदी में हजारों लोग मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से परेशान है। आनलाइन योजनाओं के लाभ लेने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय अगर किसी को बात करनी हो तो छत पर जाना पड़ता है। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर नेटवर्क के इंतजार में भटकना पड़ता है।
ग्राम के दाऊ वामन बघेल ने बताया कि गांव में किसी भी कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता है। जिसके चलते उपभोक्ता काफी परेशान है। वहीं, जब किसी से फोन पर बात करना होता है तो सड़क में जाकर या छत में जाकर बात करना पड़ती है। जबकि जिओ, एयरटेल, आइडिया, बीएसएनएल सभी कंपनी रिचार्ज का पूरा पैसा ले रही है। नेटवर्क के मामले में सभी कंपनी फेल है। आखिर ग्रामीण अंचल में कब सुधरेगी नेटवर्क कनेक्टिविटी की व्यवस्था।
उन्होंने बताया कि बेलौदी के चारो तरफ के गांवों में विभिन्न कंपनियों के टॉवर लगे हुए है और तो और ग्राम में ही जिओ कम्पनी का टावर लगा हुआ है उसके बाद भी मोबाइल नेटवर्क नही के बराबर ही रहता है। मोबाइल टावर में नेटवर्क के रेंज बढाने की आवश्यकता है।
कंपनियां उपभोक्ताओं से रिचार्ज का पूरा पैसा लेती है लेकिन सर्विस नही के बराबर मिलने आए ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।
श्री बघेल ने बताया कि लगातार कस्टमर केयर में शिकायत करने के बाद भी नेटवर्क की स्थिति नही सुधरी हैं।







