पंडरिया-ब्लाक अंतर्गत ग्राम डोमसरा में ग्रामीण बिजली की अघोषित कटौती से परेशान हैं।जबकि गांव में 132 केवी का सब स्टेशन स्थित है।प्रतिदिन दिन में 10 से 15 बार कटौती हो रही है।वहीं लो वोल्टेज की स्थिति बनी हुई है।ग्रामीणों ने बताया कि सरकार बदलने के बाद लोगों को बहुत उम्मीद थी गांव के बिजली में सुधार होगा।लेकिन लोगों की ये उम्मीद सिर्फ उम्मीद ही बनकर रह गई।पिछले 15 दिनों से ख़रहट्टा सब स्टेशन के डोमसरा फीडर में बिजली कटौती अपनी सारी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।सुबह 4 बजे से कटौती शुरू होकर रात 9 बजे तक चलता है। इस 17 घंटे के बीच में लाइट 8 से 9 घंटे बंद रहता है इस बीच में अनगिनत बार बिजली कटौती होती है।सब स्टेशन में काम करने वालों से बात करने पर पता चलता है कि ओवरलोड की वजह से बार बार ट्रिपिंग हो रही है। यदि ट्रिपिंग होती है तो चंद मिनटों में आ जाना चाहिए।किन्तु यहां तो कई बार ट्रिपिंग घंटे दो घंटे तक रहता है।जानबूझकर बिजली काट दी जाती है।बिजली बंद होने का खामियाजा स्कूली बच्चों पर पड़ता है।उन्हें मध्यान्ह भोजन के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि डोमसरा में ही तालाब के नीचे नाले के पास लगा ट्रांसफार्मर पिछले माह 3 जुलाई से एक से जला हुआ।जिसमें अब तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा है।बीच में एक हफ्ते पहले आकर ट्रांसफार्मर को बनाया गया था। जो बनने के कुछ घंटे बाद ही खराब हो गया।विद्युत विभाग में सूचना देने पर ट्रांसफार्मर जलने की बात कहकर नया ट्रांसफार्मर लगाने कहा गया।नया ट्रांसफार्मर के लिए ग्रामीण रोज रोज विद्युत विभाग की चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी ग्रामीणों को रोज आश्वासन देते है कि आज कल ट्रांसफार्मर लग जाएगा और ये आश्वासन मिलते 15 दिन हो गया।सुबह ग्रामीण के ऑफिस पहुंचकर अधिकारियों से बात करने पर कहा जाता है कि आज गाड़ी ट्रांसफार्मर के लिए भिलाई गया है,तो कभी कहा जाता है कि गाड़ी ट्रांसफार्मर के लिए कोरबा गया है।हर दिन नई उम्मीद के साथ ग्रामीण ऑफिस पहुंचते हैं। पर उनको सिर्फ आश्वासन मिलता है।ट्रांसफार्मर नहीं अब ग्रामीणों ने ठान लिया कि अब वो ऑफिस नहीं जायेंगे।विद्युत कटौती और ट्रांसफार्मर के लिए बड़े आंदोलन के साथ बिजली ऑफिस की घेराव की बात कर रहे हैं।ए ई मनीष अग्रवाल ने इस संबंध में बताया कि ओवरलोड के कारण कुछ समस्या आ रही है।डोमसरा में बिजली व ट्रांसफार्मर की जनाकारी लेकर सुधार करवाने की बात कही।







