फुंडा चौक में तेज रफ्तार वाहनों पर नहीं कोई लगाम,स्पीड ब्रेकर नहीं होने से हर पल हादसे का खतरा, प्रशासन मौन


पाटन। स्टेट हाईवे पर स्थित फुंडा चौक आज क्षेत्र के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। दुर्ग–पाटन मुख्य मार्ग पर बसे इस चौक से रोज़ाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन बेलगाम रफ्तार से गुजरते हैं, जिससे हर समय गंभीर सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है।
हैरानी की बात यह है कि पिछले वर्ष इसी फुंडा चौक पर हुए सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, इसके बावजूद आज तक यहां स्पीड ब्रेकर का निर्माण नहीं किया गया। यह चौक पाटन, दुर्ग, अंडा और जामगांव आर जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यात्री बसों के इंतजार में लोग सड़क किनारे खड़े रहते हैं, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण उनकी जान हमेशा खतरे में रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांतरा और रायपुर मार्ग की ओर तो ब्रेकर बनाए गए हैं, लेकिन पाटन और दुर्ग की ओर जाने वाले मार्ग पर कोई ब्रेकर नहीं है, जबकि इसी दिशा में वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। स्टेट हाईवे होने के कारण यहां लगातार भारी वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे ट्रैफिक का डब्बा और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत फुंडा के पंच एवं समाजसेवी चंदू गोस्वामी ने प्रशासन से कड़ा सवाल किया है। उन्होंने मांग की है कि फुंडा चौक में तत्काल स्पीड ब्रेकर का निर्माण किया जाए, ताकि वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण हो और हादसों पर रोक लग सके।
चंदू गोस्वामी ने कहा कि,
“यह दुर्ग–पाटन का मुख्य मार्ग है, यहीं बस स्टैंड भी है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। जनता की सुरक्षा के लिए स्पीड ब्रेकर बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ शासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।”
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी और जान जाने का इंतजार कर रहा है?
या फिर फुंडा चौक पर स्पीड ब्रेकर तभी बनेगा जब कोई और हादसा हो जाएगा?