पाटन। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था किस कदर लचर है, इसका ताजा उदाहरण सेजस जामगांव (R) विद्यालय से सामने आया है। स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में कक्षा के CCTV कैमरे की चोरी और तोड़फोड़ की घटना का खुलासा हुआ है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राचार्य ने इसकी सुचना अध्यक्ष एवं सरपंच ग्राम पंचायत को दी है।

पत्र के अनुसार, 27 अप्रैल की सुबह जब शिक्षक स्कूल पहुंचे तो एक कक्षा का दरवाजा टूटा मिला। अंदर जाकर देखा गया कि CCTV कैमरा गायब था और कक्षा के पंखे, ट्यूबलाइट समेत अन्य सामान से भी छेड़छाड़ की गई थी। दीवार और सीलिंग में लगे सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शाम होते ही स्कूल परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जहां शराबखोरी और नशाखोरी आम बात हो गई है। इससे न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि शासकीय संपत्ति को भी लगातार नुकसान पहुंच रहा है। SMDC अध्यक्ष अंगेश्वर साहू ने बताया कि विद्यालय में चौकीदार का पद लंबे समय से रिक्त है, जिसके कारण रात के समय सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कदम नहीं उठाए गए, तो बच्चों की शिक्षा और सरकारी संपत्ति दोनों ही खतरे में पड़ सकते हैं। फिलहाल यह मामला न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि ग्रामीण स्कूलों की देखरेख और जवाबदेही कितनी कमजोर हो चुकी है।






