पंडरिया।नगर सहित आस-पास के क्षेत्र में इन दिनों आम के बौर अपनी भीनी खुशबू बिखेर रही है। इस बार आम में बहुत अधिक बौर निकले हैं।जिसके चलते आम का उत्पादन अधिक होने की उम्मीद दिखाई पड़ रही है।नगर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के बहुतायत पेड़ों पर बौर लगे हुए हैं।कुछ ही पेड़ों पर बौर नहीं लगे हैं।


नगर की पहचान पहले आम के उत्पादन के नाम से होती थी,किंतु बढ़ती शहरीकरण के चलते नगर में कुछ ही आम के पेड़ शेष बच गए हैं।नगर के इतवारी बगीचा जिसमें आम के सैकड़ों पेड़ थे,वर्तमान में अब दर्जन पेड़ भी नहीं बचे हैं।नगर के पास स्थित ग्राम मोहतरा में 100 से अधिक पेड़ दशहरी,लंगड़ा व अन्य प्रजाति के आम है,प्रायः सभी पेड़ों पर बौर लगे हैं।कुछ पेड़ में इतना ज्यादा मात्रा में बौर लगे हैं कि पेड़ में पत्तियां ही दिखाई नहीं पड़ रही है।

लगातार काटे जा रहे पेड़-नगर सहित क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से लगे आम के बगीचे काटे जा रहे हैं।कहीं निर्माण को लेकर पेड़ कट रहे हैं,तो ईंट भट्ठे के चलते आम के पेड़ काटे जा रहे हैं।नगर सटे ग्राम मैनपुरा,कुबा खुर्द,पिपरखूँटी,डोमसरा,खरहट्टा,पेंड्री,माकरी,पांडातराई,डोंगरिया,दुल्लापुर,पाढ़ी,कुकदूर,कामठी,कोदवा,पोलमी सहित अनेक ग्रामीण क्षेत्रो में आम के बड़े-बड़े बगीचे थे।जो कटाई के चलते लगातार कम हो रहे हैं।लगातार निर्माण के कारण पेड़ काटे जा रहे हैं।






