
नितीन रोकड़े


ग्रामीणों ने अपनी मांग रखते हुए संतोषपुर गाँव में एकत्रित हुए थे । उन्होंने जिला प्रशासन से कुल 05 मांगे रखी।05 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की तेंदूपत्ता की प्रति सैकड़ा 550/ रुपये की जाए,तेंदुपत्ता का भुगतान ऑनलाइन के बजाय नकद किया जाए,2019-20 एवं 20-21 सत्र में खरीदे गए तेंदूपत्ता के दर में बोनस दिया जाए,उन्होंने महुआ को 55 रुपए किलो,किसानों की धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए देने के8 बात भी कही ।
*हरे सोने के सीजन में कई बार हो चुके हैं आंदोलन* जिला मुख्यालय के अलग-अलग अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्र से हजारों की संख्या में ग्रामीण आदिवासी अपने जल जंगल जमीन की लड़ाई तो करते ही हैं साथ ही अपने आर्थिक मजबूती के लिए समय-समय पर वह वन संपदा संपत्ति के लिए आंदोलन भी करते हैं आज के आंदोलन में भी आदिवासी ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी सीजन में उन्होंने आंदोलन कर आवेदन एसडीएम को दिए थे । परंतु आज पर्यंत उनके खातों में पैसे जमा नहीं हो पाए वहीं कई ग्रामीणों के खाते भी नहीं है । उसको देखते हुए भी उनकी मांग रही की नगद भुगतान उन्हें किया जाए । ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की सुविधा व आवक जावक की सुविधा ना होना भी परेशानी का सबब है । दूसरी तरफ प्रति तेंदूपत्ता गड्डी 550 रु कीमा हो तेंदूपत्ता फ़ढ़ जहां नहीं है वहां खोला जाए, नेशनल पार्क भैरमगढ़ अभ्यारण में आने वाला सेंचुरी को हटाकर सरकारी समिति खोला जाए । की मांग लिखी थी उन के पोस्टरो में वही बोरा भर्ती मजदुरी भी ग्रामीण आदिवासी करना चाहते हैं सभी समितियों को सामान करने की भी बात लिखी थी ।
*जानकारी के अभाव में हो रहे हैं आंदोलन*
बाक्स— आदिवासी ग्रामीणों के जीविका का साधन है वनसंपदा उनमें से सबसे महत्वपूर्ण तेंदूपत्ता तोड़ाई ही है जो इन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करती है । जिसे लेकर कॉग्रेस सरकार के द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में बीजेपी के शासन काल की घोषणा पत्र में परिवर्तन कर बोनस समाप्त कर 4000 मानव बोरा कर दिया था । जिसे लेकर आज तक ग्रामीणों में स्पष्ट जानकारी विभाग के द्वारा ग्रामीणों को ना मिलना ही आंदोलन का कारण बना हुआ है सही जानकारी ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रही है ।सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को नहीं है ।
बाक्स — *वन मंडल अधिकारी बीजापुर अशोक पटेल* ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा उन्हें ज्ञापन दिया गया है की प्रति मानक बोरा 5500 रु किया जाए । वह पिछला भुगतान जो नहीं हो पाया था ।उसे भी दिया जाए जिसकी प्रक्रिया चालू कर दी गई है 2 दिनों में आदेश आते ही नगद भुगतान ग्रामीण क्षेत्रों में कर दिया जाएगा । वहीं उनके द्वारा दी गई ज्ञापन को भी उच्च स्तरीय अधिकारियों को हमारे विभाग के द्वारा भेज दिया जाएगा । जल्द ही तेंदूपत्ता भुगतान किया जाएगा ।






