अवैध धारदार हथियार लेकर लोगों में दहशत फैलाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, तीनों न्यायिक रिमांड पर भेजे गए

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दुर्ग। दुर्ग पुलिस द्वारा अपराध एवं अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना वैशाली नगर एवं चौकी मचांदुर (थाना उतई) पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अवैध धारदार हथियार लेकर लोगों में भय का माहौल बनाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल तीन धारदार हथियार जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, थाना वैशाली नगर क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामनगर मुक्तिधाम तालाब के पास एक युवक धारदार हथियार लेकर राहगीरों को डरा-धमका रहा है। सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर पुलिस ने नीरज रंगारी उर्फ बुचवा (20 वर्ष), निवासी शांति नगर, सड़क क्रमांक-28, थाना वैशाली नगर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक धारदार हथियार बरामद किया गया। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 308/2026 के तहत धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की गई।

वहीं चौकी मचांदुर, थाना उतई पुलिस ने ग्राम बोरीगारका में कार्रवाई करते हुए जितेन्द्र कुमार साहू (26 वर्ष) निवासी ग्राम मातरोडीह को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक धारदार हथियार बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि उसने ऑनलाइन माध्यम से दो धारदार हथियार मंगाए थे और उनमें से एक हथियार अपने साथी शैलेन्द्र कुमार निषाद (26 वर्ष) निवासी ग्राम मातरोडीह को ₹700 में बेच दिया था। पुलिस ने मेमोरेण्डम के आधार पर शैलेन्द्र कुमार निषाद को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक धारदार हथियार बरामद किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 406/2026 के तहत धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर धारदार हथियार लहराकर आम लोगों में भय और आतंक का वातावरण बना रहे थे। एक मामले में ऑनलाइन माध्यम से हथियार मंगाकर दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराने का भी खुलासा हुआ है।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास करता है या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।