दुर्ग जिले के तीन शिक्षकों को दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान, डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी में उत्कृष्ट योगदान का मिला पुरस्कार

दुर्ग। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की इकाई सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), नई दिल्ली में आयोजित डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी (DDR) सम्मान समारोह एवं ‘विरासत- कमलादेवी सांस्कृतिक महोत्सव’ में दुर्ग जिले के तीन शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारियों, जनस्मृतियों और विरासत के दस्तावेजीकरण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रहे। उन्होंने ‘Long Live Democracy’ और ‘Digital District Repository’ प्रदर्शनियों का अवलोकन कर लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में ने आपातकाल के दौर के अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों, उनके परिजनों तथा देशभर के चयनित 25 शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत CCRT द्वारा देशभर में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तियों, घटनाओं, ऐतिहासिक स्थलों और लोकस्मृतियों के संकलन का अभियान चलाया गया था। इस परियोजना में दुर्ग जिले के शिक्षकों ने उल्लेखनीय योगदान देते हुए महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों और कथाओं का संकलन कर राष्ट्रीय अभिलेखागार को समृद्ध बनाया।

इस उत्कृष्ट कार्य के लिए टिकेश्वर प्रसाद गजपाल (शासकीय हाई स्कूल आगेसरा), पंकज सिंह राजपूत (शासकीय प्रोन्नत प्राथमिक शाला टिकरापारा खुरसुल) तथा राघवेन्द्र कुमार ध्रुव (शासकीय प्राथमिक शाला उमरपोटी) को नई दिल्ली स्थित CCRT परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।

विशेष गौरव की बात यह रही कि पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित तीनों शिक्षक दुर्ग जिले के हैं। इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

समारोह में सीसीआरटी छात्रवृत्तिधारकों द्वारा प्रस्तुत ‘Musical Tribute to the Spirit of Democracy’ ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के सचिव , सीसीआरटी अध्यक्ष सहित मंत्रालय और सीसीआरटी के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।