संजय साहू

अंडा। दुर्गग्रामीण विधान सभा क्षेत्र के ग्राम तिरगा में समस्त ग्रामवासी के सहयोग से श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन हो रहा है पंचम दिवस बालयोगी विष्णुजी अरोड़ा जी श्री राम चरित्र व कृष्ण जन्मोत्सव कथा में कहते है जब व्यक्ति श्री रामजी आचरण धारण करता है तो उसके अंदर सदगुण , सदाचार उनकेे अंदर स्वतः हि प्रवेश हो जाता है। मनुष्य को धर्म सम्मतकार्य करना चाहिए जो हमारे धर्म, संस्कृति के विरूद्ध कार्य करते है एैसे व्यक्ति श्रीराम के पदचिन्ह से विमुख हो जायेंगें। श्री रामचन्द्र दुराचारी रावण का वध करने उपरांत स्वर्ण महल लंका राज्य विभीषण को दे दिया, बाली का वध कर पम्पापूर राज्य सुग्रिव को सौंप दिया व स्वंय अपना सर्वस्व महल त्याग कर 14 वर्ष वनवास चले गए। प्रभुराम के अंदर त्याग व समपर्ण का भाव था। कृष्ण जन्मकथा में स्वामी जी कहते है वासुदेव व देवकी माता त्याग व तपस्या का नाम है कारागार में रहकर हथकड़ी में जकडे 9 माह नवजात शिशु को कोख रखकर तप करते है व जन्म उपरांत कंश को सौंप देना कितना कठिन था।

लेकिन परमात्मा को पाने के लिए जेल को भी हिमालय जैसा बना दिया यह त्याग व तपस्या का परिणाम है। नंदबाबा माता यशोदा प्रेम व भक्ति का उद्धारण है परमात्मा को पाने के लिए तन में त्याग, तपस्या व मन में प्रेम भक्ति होना अनिवार्य है। भगवान तन से मिलेंगे लेकिन मन में प्रभु वास करते है। तन बड़ा महत्वपूर्ण है बिना शरीर के भक्ति, साधना तपस्या असंभव है। बिन तन के प्रभु प्राप्त नही को सकता। इस आस पास गांव श्रोतागण बड़ी संख्या में पहुंच रहे है। कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल पूर्व मंत्री रमशिला साहू, सरपंच घसिया राम देशमुख, बाबू लाल देशमुख ने स्वामी जी आशीर्वाद प्राप्त किया।






