बठेना। ग्राम बठेना में 14 से 22 जनवरी तक आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में कथावाचक पंडित वासुमोहन दुबे ने श्रोताओं से गीता के संदेशों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। कथावाचक ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कथा को गीता के संदेश के परिप्रेक्ष्य में ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक माध्यमों का उद्देश्य मनुष्य को अच्छे कर्म और विचारों से जीने के लिए प्रेरित करना है।

श्रीमत भागवत कथा के सातवे दिवस में मथुरा लीला ,और रुखमणी विवाह का वर्णन किया जिसमे भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। मौके पर आयोजक मंडली की ओर से आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। कथा के साथ-साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया। इस सात दिवसीय भागवत कथा का सफल संचालन के लिए आयोजक मंडली के तारिणी दास बाबाजी व उनके सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।


कथावाचक ने आगे कहा कि गाँवों में आयोजित होने वाले श्रीमद भागवत और रामायण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं समझना चाहिए। इनका उद्देश्य समाज में सद्भावना और एकता का वातावरण बनाना है। यह आयोजन ग्रामवासियो द्वारा किया गया है।






