पाटन, दुर्ग (छ.ग.)

विकासखंड पाटन के बीआरसी कार्यालय में आज दोपहर 12:00 बजे से “लइका चिनहारी” (Laika Chinhari) मोबाइल ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यावहारिक प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों (Out of School Children – OoSC) की पहचान, पंजीयन और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
ऐप की कार्यप्रणाली और अप्रूवल प्रक्रिया:
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स श्री अरविंद बंजारे द्वारा सीएसी (CAC) साथियों को ऐप के संचालन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई:

पंजीकरण (Registration): सबसे पहले सर्वेयर ऐप पर खुद को रजिस्टर करेगा।
प्रथम अनुमोदन (Approval): इसके पश्चात सीएसी (CAC) द्वारा उस रजिस्ट्रेशन को अप्रूव किया जाएगा।
सर्वे कार्य: अनुमोदन मिलने के बाद सर्वेयर बच्चों से संबंधित डेटा और सर्वेक्षण का कार्य ऐप में करेंगे।
अंतिम अनुमोदन (Final Approval): सर्वेक्षण के पश्चात अंतिम अप्रूवल की पूरी प्रक्रिया सीएसी (CAC) के माध्यम से ही संपन्न होगी।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति:
कार्यक्रम में विशेष रूप से श्री संजय राजपूत (एपीसी समग्र शिक्षा दुर्ग एवं नोडल अधिकारी) उपस्थित रहे, जिन्होंने ऐप के उपयोग और तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। इसके अतिरिक्त, हमारे बीच डीएमसी महोदय श्री विनोद सिन्हा जी की विशेष उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन से कार्यक्रम को एक नई दिशा मिली। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने सभी सहभागियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस ऐप का गंभीरता से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं। साथ ही, बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल पहलों को पूरी तन्मयता से अपनाने की अपील की गई। समारोह के अंत में विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) पाटन, श्री जी पी वर्मा (गुनेश्वर प्रसाद वर्मा) जी द्वारा प्रशिक्षण देने वाले सभी ट्रेनर्स, उपस्थित अन्य साथियों और विशेष रूप से सीएसी (CAC) साथियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
यह प्रशिक्षण पाटन ब्लॉक में बच्चों के सटीक सर्वेक्षण और शत प्रतिशत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में बेहद कारगर साबित होगा






