रायपुर।छत्तीसगढ़ उरांव (सरना) आदिवासी विकास परिषद के द्वारा छत्तीसगढ़ का पहला और प्रमुख त्यौहार ” हरेली “के अवसर उरांव समाज के सामाजिक भवन प्रांगण में एल. ऐण्ड टी. लिमिटेड कन्ट्रक्शन, मुम्बई के सहयोग से सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम रखा गया था। वृक्षारोपण का कार्यक्रम अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र प्रसाद निकुंज और कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप कुमार के प्रेरणा , प्रयास व मार्गदर्शन से संभव हो सका जिन्हें परिषद और पूरे उरांव समाज की ओर सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
सामाजिक भवन के प्रांगण में पौधारोपण कर प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित व संरक्षित रखने का ऐतिहासिक काम किया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में परिषद के प्रदेशाध्यक्ष श्री रामेश्वर राम, महासचिव रामलाल भगत, कोषाध्यक्ष सेमलाल भगत एवं परिषद के कार्यकारिणी सदस्यगण, रानी सिनगी दई महिला संगठन, रायपुर के अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भगत, उरांव (सरना) आदिवासी महिला संगठन भिलाई (दुर्ग) के अध्यक्ष श्रीमती नीलिमा भगत एवं उरांव समाज के वरिष्ठ नागरिक व सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक एस.आर.भगत जी, वरिष्ठ नागरिक श्रीमती यशोदा भगत राजेन्द्र प्रसाद निकुंज हितेश बघेल (ओ. एस. डी. माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़), नवीन कुमार भगत ( संयुक्त कलेक्टर गरियाबंद),श्रीमती प्रीति निकुंज, के. निर्माम, श्रीमती श्वेता निर्माम , रामप्रसाद प्रधान (सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) , जगदेव भगत (जोइंट डायरेक्टर, पुरातत्व विभाग), धनुषधारी तिग्गा, उरांव समाज के बैगा विक्रम राम भगत , दयानाथ भगत (सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग), परिषद के जिला ईकाई, रायपुर के उपाध्यक्ष अनिल कुमार भगत श्रीमती सुनीता प्रधान, डाक्टर सुश्री अभिलाषा प्रधान, डाक्टर आकांक्षा प्रधान, डाक्टर अभिषेक प्रधान एवं समाज के अन्य सम्माननीय सदस्यगण सैंकड़ों की संख्या में शामिल हुए।
वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत करने के पूर्व उरांव समाज के बैगा विक्रम राम भगत जी के द्वारा धरती माता व कृषि उपकरणों की पूजा कर की गई। वरिष्ठ नागरिक श्री एस.आर. भगत जी एवं श्रीमती यशोदा भगत जी के करकमलों से उरांव समाज की पूजनीय”करम वृक्ष “लगाकर वृक्षारोपण की शुरुआत की गई। पश्चात् वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपस्थित समाज के सभी प्रबुद्धजनों एवं सदस्यों के द्वारा वृहत रूप से लगभग 300 अलग- अलग प्रजाति के फूलदार व फलदार पौधा लगाया गया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंत में प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वयं को कृतसंकल्पित लिया गया। वृक्षारोपण करने के साथ- साथ लगाये गये वृक्षों की देखभाल व पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए अपने सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन के साथ साथ अपने आसपास के पर्यावरण को भी संरक्षित और सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लेते हुए कार्यक्रम समापन किया गया।







