प्रधानमंत्री की बयानबाजी पर दो बार के पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष लीलाधर वर्मा का तीखा पलटवार

पाटन। देश के प्रधानमंत्री को लेकर चल रही बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पाटन नगर पंचायत के दो बार के पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष लीलाधर वर्मा ने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा नेताओं की भाषा और राजनीतिक दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए।

लीलाधर वर्मा ने कहा कि आज मल्लिकार्जुन खड़गे जी की भाषा को लेकर भाजपा के नेता लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने राजनीतिक भाषणों में पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित गांधी परिवार को लेकर कई बार अमर्यादित टिप्पणियां कर चुके हैं। उस समय भाजपा नेताओं को भाषा की मर्यादा और राजनीतिक शिष्टाचार की याद क्यों नहीं आती?

उन्होंने कहा कि बिहार की सभा में खड़गे जी के बयान के संदर्भ और परिस्थितियों को भी समझना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई नेता गांधी परिवार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं। विशेषकर गांधी परिवार की बहू के प्रति की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियां राजनीतिक संस्कार और महिलाओं के प्रति सोच पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ऐसी भाषा का प्रभाव केवल किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश की हर बहू-बेटी के सम्मान से जुड़ा होता है।

वर्मा ने कहा कि राजनीति का स्तर गिराकर और एक-दूसरे को उकसाकर देश के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना उचित नहीं है। आज देश का युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, महंगाई और लोकतंत्र की रक्षा जैसे सवालों को लेकर अपनी आवाज उठा रहा है। ऐसे समय में सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से देश में तनावपूर्ण माहौल पैदा करना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार के वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आज भी चर्चा का विषय है, जबकि खेती में उपयोग होने वाले खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधनों की लागत लगातार किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ाती रही है। किसानों को साल में तीन बार आर्थिक सहायता देने मात्र से उनकी आय दोगुनी होने का दावा नहीं किया जा सकता।

इसी तरह, हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे, बुलेट ट्रेन के सपने, प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये आने की घोषणा और महंगाई पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। वंदे भारत जैसी ट्रेनों की शुरुआत अपनी जगह है, लेकिन आम जनता की अपेक्षाओं और बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

वर्मा ने कहा कि लगभग 14 वर्ष पहले महंगाई को लेकर किए गए राजनीतिक दावों और आज आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ की तुलना करना जरूरी है। उस समय डीजल, पेट्रोल, शक्कर और रसोई गैस की कीमतों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते थे। आज जब जनता उन्हीं वादों का हिसाब मांगती है, तब भाजपा नेताओं को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियों के जरिए बहस को दूसरी दिशा में मोड़ना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जब देश के युवा शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन करते हैं, तब सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वाले किसानों और युवाओं के प्रति भी उतनी ही संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए, जितनी संवेदनशीलता नेताओं और उनके परिवारों से जुड़े बयानों पर दिखाई जाती है।

महिलाओं की सुरक्षा पर भाजपा को घेरते हुए वर्मा ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो उसे महिला अपराधों के आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण या संवैधानिक पद देकर महिलाओं के सम्मान और न्याय के सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

अंत में लीलाधर वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आत्ममंथन करना चाहिए कि राजनीतिक भाषा की मर्यादा तोड़ने की शुरुआत किसने की। यदि भाजपा नेताओं को अपने शीर्ष नेतृत्व और उसके परिवार के प्रति अमर्यादित टिप्पणियों से पीड़ा होती है, तो उन्हें देश के प्रत्येक नागरिक, किसान, युवा, महिला और हर परिवार के सम्मान के प्रति भी समान संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीति में जवाबदेही सभी की होनी चाहिए, भाषा की मर्यादा सबके लिए समान होनी चाहिए और देश की बहू-बेटियों के सम्मान को राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर रखा जाना चाहिए। देश को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं, बल्कि रोजगार, महंगाई, किसानों की खुशहाली, महिलाओं की सुरक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने वाली राजनीति की आवश्यकता है।