DPO डॉ. पुष्पा पुरुषोत्तमन एवं सहायक नोडल अधिकारी शेफाली सोनी ने गोडपेण्ड्री व सेलुद केंद्रों का किया सघन निरीक्षण; शत-प्रतिशत साक्षरता की ओर पाटन के बढ़ते कदम

पाटन, जिला-दुर्ग | 23 मार्च 2026
पाटन (दुर्ग): भारत सरकार के ‘उल्लास’ कार्यक्रम के अंतर्गत कल, 22 मार्च 2026 को विकासखंड पाटन में बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस महा-परीक्षा के माध्यम से पाटन विकासखंड के लगभग 3,200 नव-साक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरा किया गया।
उच्चाधिकारियों द्वारा सघन निरीक्षण
परीक्षा की शुचिता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला साक्षरता मिशन दुर्ग की DPO डॉ. पुष्पा पुरुषोत्तमन एवं सहायक नोडल अधिकारी शेफाली सोनी ने विशेष रूप से प्राथमिक शाला गोडपेण्ड्री, प्राथमिक शाला सेलुद और सेजेस (SAGES) सेलुद परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने परीक्षार्थियों के उत्साह की सराहना की और सुचारू संचालन के लिए केंद्राध्यक्षों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण दल में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पाटन, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पाटन, BRP पाटन एवं समस्त संकुल समन्वयकों (CACs) की सक्रिय भागीदारी रही।
इन श्रेणियों पर रहा विशेष फोकस:
शिक्षा विभाग द्वारा कल आयोजित इस मूल्यांकन में उन शिक्षार्थियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया, जो:
अब तक पोर्टल पर चिन्हित (Identified) नहीं हो पाए थे।
जिन्हें पूर्व में ‘सुधार की आवश्यकता’ (Need Improvement) की श्रेणी में रखा गया था।
जो पूर्व में ‘कृपांक’ (Passed With Grace) के साथ उत्तीर्ण हुए थे, ताकि उनके शैक्षिक स्तर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
टीम वर्क और जन-भागीदारी की जीत
इस विशाल आयोजन की सफलता में पाटन कंट्रोल रूम के समस्त कर्मचारियों, केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों और विशेष रूप से स्वयंसेवकों (Volunteers/VT) का अद्वितीय योगदान रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रेरकों ने घर-घर जाकर चिन्हित परीक्षार्थियों को केंद्रों तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे पाटन को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प सिद्ध होता दिखा।
लक्ष्य: साक्षर पाटन, सशक्त पाटन
विकासखंड शिक्षा कार्यालय के अनुसार, इस मूल्यांकन के माध्यम से सफल परीक्षार्थियों को साक्षरता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य क्षेत्र में शत-प्रतिशत साक्षरता सुनिश्चित कर उन लोगों को सशक्त बनाना है जो पूर्व में शिक्षा की ज्योति से वंचित रह गए थे। सभी के अथक परिश्रम से यह अभियान एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।






