पाटन। गोडपेंडरी (छाटा) क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गोडपेंडरी में ग्रामीणों ने भारी वाहनों के कारण हो रहे नुकसान को देखते हुए सड़क मार्ग को बाधित कर दिया है। इसके बाद खदान और क्रेशर से गिट्टी लेकर निकलने वाले भारी वाहन अब आवागमन के लिए सिंचाई विभाग की नहर और नाली का उपयोग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर पार से भारी वाहन चलने के कारण नहर की लाइनिंग टूट रही है और भविष्य में नहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे सिंचाई विभाग को भारी नुकसान होने की आशंका है, साथ ही किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
बताया जा रहा है कि शासन द्वारा भारी वाहनों के लिए अलग सड़क बनाई गई है, लेकिन उसके बावजूद वाहन चालक नियमों को नजरअंदाज कर नहर मार्ग से वाहनों को निकाल रहे हैं। इससे नहर के टूटने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से मांग की है कि नहर पार से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और दोषी वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्ति और किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।







